भोपाल , मार्च 28 -- मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने छिंदवाड़ा बस दुर्घटना और देश-प्रदेश में एलपीजी संकट को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कांग्रेस विधायक दल की ओर से प्रत्येक मृतक के परिजन को 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।

श्री सिंघार ने प्रेस वार्ता में कहा कि 26 मार्च को छिंदवाड़ा-नागपुर मार्ग पर हुई बस दुर्घटना में 10 लोगों की मृत्यु हुई और लगभग 40 लोग घायल हुए। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

उन्होंने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति अत्यंत गंभीर है। पिछले पांच वर्षों में प्रदेश में 65 हजार 214 लोगों की मृत्यु सड़क दुर्घटनाओं में हुई है, जबकि वर्ष 2024 में ही 14 हजार 791 लोगों ने जान गंवाई। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं के मामलों में जवाबदेही तय नहीं हो पा रही है।

नेता प्रतिपक्ष ने मुआवजा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में एक समान मुआवजा नीति नहीं है। विभिन्न घटनाओं में अलग-अलग राशि दी जाती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि भागीरथपुरा दूषित पानी कांड में 2 लाख, छिंदवाड़ा कफ सिरप प्रकरण में 4 लाख, एमवाय अस्पताल मामले में 5 लाख और छिंदवाड़ा बस दुर्घटना में 8 लाख रुपए प्रति मृतक मुआवजा घोषित किया गया। उन्होंने पूछा कि मुआवजा राशि में यह असमानता क्यों है।

उन्होंने कहा कि मुआवजा घोषित होने के बाद भी पीड़ित परिवारों को राशि प्राप्त करने में कठिनाई होती है और बार-बार दस्तावेजी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। उन्होंने इस प्रक्रिया को सरल बनाने और सिंगल विंडो सिस्टम लागू करने की मांग की।

श्री सिंघार ने एलपीजी संकट को लेकर कहा कि देश में लगभग 33 करोड़ घरेलू एलपीजी कनेक्शन हैं, जबकि मध्यप्रदेश में करीब 1.75 करोड़ परिवार इस पर निर्भर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 20 दिनों से व्यावसायिक एलपीजी उपभोक्ताओं को सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और छोटे उद्योग प्रभावित हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि भारत अपनी कुल एलपीजी खपत का लगभग 60 प्रतिशत आयात करता है और इसमें से 80 से 90 प्रतिशत आयात होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते होता है। ऐसे में सरकार को पहले से वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी।

उन्होंने उज्ज्वला योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में 10.33 करोड़ और मध्यप्रदेश में 88 लाख लाभार्थी हैं, लेकिन वर्तमान स्थिति में गैस की उपलब्धता चुनौती बनी हुई है। श्री सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार न तो सड़क सुरक्षा सुनिश्चित कर पा रही है और न ही आम नागरिकों की बुनियादी जरूरतों को पूरा कर पा रही है।

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