छिंदवाड़ा , जुलाई 30 -- मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने छिंदवाड़ा जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में व्याप्त अव्यवस्थाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को अर्द्धशासकीय पत्र लिखकर जिला अस्पताल सहित सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया है।
कमलनाथ ने अपने अर्द्धशासकीय पत्र क्रमांक-185 में कहा है कि जिले की स्वास्थ्य सेवाएं लगातार कमजोर होती जा रही हैं। जिला अस्पताल सहित सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों, चिकित्सा अधिकारियों, नर्सिंग स्टाफ, आवश्यक दवाइयों, पैथोलॉजी जांच सुविधाओं तथा आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने से मरीजों को समुचित उपचार नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल पर जिले के दूरस्थ ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों के हजारों मरीज उपचार के लिए निर्भर रहते हैं। ऐसे में अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की पर्याप्त उपलब्धता, नियमित जांच सुविधाएं तथा आवश्यक संसाधनों का होना अत्यंत आवश्यक है। सुविधाओं के अभाव में मरीजों और उनके परिजनों को निजी अस्पतालों अथवा अन्य शहरों का रुख करना पड़ता है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक और मानसिक बोझ पड़ता है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने पत्र में उल्लेख किया कि ग्रामीण क्षेत्रों के सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों की कमी, दवाइयों का अभाव, एम्बुलेंस सेवाओं की अपर्याप्त उपलब्धता तथा अन्य बुनियादी स्वास्थ्य संसाधनों की कमी लंबे समय से बनी हुई है। इसका सबसे अधिक असर गरीब, किसान, मजदूर एवं आदिवासी परिवारों पर पड़ रहा है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए रिक्त पदों पर चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की शीघ्र नियुक्ति की जाए, दवाइयों और जांच सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों को आवश्यक संसाधनों से सुसज्जित किया जाए, ताकि जिले के नागरिकों को अपने ही क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
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