भोपाल , जून 17 -- मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राजगढ़ जिले के छापीहेड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लगभग 30 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने और उसके कारण टीकाकरण के लिए सुरक्षित रखी गई वैक्सीनों के खराब होने के दावों को प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की विफलता का उदाहरण बताते हुए भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

श्री पटवारी ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि यह घटना केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर मंडरा रहे गंभीर संकट का संकेत है। उन्होंने कहा कि मामले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के परस्पर विरोधी बयान भी स्थिति को और अधिक गंभीर बनाते हैं। एक ओर स्थानीय बीएमओ वैक्सीन खराब होने की पुष्टि कर रहे हैं, जबकि दूसरी ओर जिला टीकाकरण अधिकारी सभी वैक्सीन सुरक्षित होने का दावा कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब राज्य सरकार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के माध्यम से संचालित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उनके अनुसार यह निर्णय स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के बजाय सरकारी विफलताओं से बचने का प्रयास है।

श्री पटवारी ने कहा कि यदि सरकार सरकारी अस्पतालों में बिजली, चिकित्सक, दवाइयां, उपकरण और जवाबदेही तक सुनिश्चित नहीं कर पा रही है, तो समाधान निजीकरण नहीं बल्कि स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करना है।

उन्होंने सवाल किया कि अस्पताल में 30 घंटे तक बिजली गुल रहने के बावजूद वैकल्पिक बिजली व्यवस्था क्यों उपलब्ध नहीं थी, कोल्ड चेन जैसी संवेदनशील व्यवस्था के लिए बैकअप सिस्टम क्यों नहीं था और यदि वैक्सीन खराब हुई हैं तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। उन्होंने यह भी पूछा कि जिन बच्चों और गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण प्रभावित हुआ, उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी होगी।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं समयबद्ध जांच, जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करने, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई, सभी स्वास्थ्य संस्थानों में कोल्ड चेन के लिए बैकअप बिजली व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के निजीकरण संबंधी निर्णय वापस लेने की मांग की।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा कोई व्यापार नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और कांग्रेस पार्टी प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण का विरोध करते हुए जनता के स्वास्थ्य अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।

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