जगदलपुर , सितंबर 19 -- अखिल भारतीय नौजवान सभा (एआईवाईएफ) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) की बस्तर जिला इकाई ने शनिवार को शिक्षा, रोजगार, आदिवासी अधिकार और नगरनार स्टील प्लांट समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर यहां 'छात्र-युवा बदलाव रैली' निकालकर धरना-प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के बाद संगठनों के प्रतिनिधियों ने बस्तर संभाग आयुक्त के माध्यम से राज्यपाल रमेन डेका के नाम 14 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। रैली में छात्र-युवा, किसान, मजदूर और आदिवासियों से जुड़े मुद्दे उठाए गए।
संगठनों ने शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण एवं बाजारीकरण पर रोक लगाने तथा गरीब, मजदूर और वंचित वर्गों को निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। इसके साथ युवाओं के लिए रोजगार को कानूनी अधिकार बनाने के उद्देश्य से संसद में 'भगत सिंह राष्ट्रीय रोजगार गारंटी कानून' पारित करने की मांग रखी गई।
ज्ञापन में वर्षों से जेलों में बंद निर्दोष आदिवासियों के मामलों की निष्पक्ष और समयबद्ध समीक्षा कर दोषमुक्त लोगों की रिहाई की मांग की गई। नगरनार स्थित एनएमडीसी इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट के रणनीतिक विनिवेश एवं निजीकरण के फैसले को निरस्त कर संयंत्र को सार्वजनिक क्षेत्र में बनाए रखने की मांग भी उठाई गई।
संगठनों ने पांचवीं अनुसूची वाले क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों पर अधिकार सुनिश्चित करने के लिए पेसा कानून को प्रभावी रूप से लागू करने की मांग की। राजनीति एवं सामाजिक क्षेत्र में महिला आरक्षण के प्रावधानों को पारदर्शी तरीके से लागू करने और निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों को स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने का अधिकार सुनिश्चित करने की बात भी ज्ञापन में कही गई है।
इसके अलावा आवश्यक खाद्य पदार्थों, पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की कीमतों को नियंत्रित करने, सार्वजनिक राशन वितरण प्रणाली को मजबूत करने, चार श्रम संहिताओं को रद्द करने तथा चुनाव प्रक्रिया में मतपत्र व्यवस्था पर विचार करने की मांग की गई।
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