नयी दिल्ली , अगस्त 04 -- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के राज्यसभा सांसद पी. संदोष कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर देशभर में पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर आंदोलन करने वाले छात्रों के कथित उत्पीड़न और डराने-धमकाने की घटनाओं पर गंभीर चिंता जतायी है।
श्री कुमार ने छात्र आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने और उनके उत्पीड़न पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
पत्र में उन्होंने कहा कि लगातार पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था की बदहाली और युवाओं की अनदेखी के खिलाफ छात्रों का आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक और न्यायसंगत था। छात्रों के सामूहिक संघर्ष के कारण ही तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन में शामिल छात्रों को सोशल मीडिया पर विरोध दर्ज कराने के कारण कथित तौर पर डराया-धमकाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो और छात्रों से मिली शिकायतों के अनुसार कुछ छात्रों को नयी दिल्ली के कनॉट प्लेस में घेरकर धमकाया गया, जबकि कई छात्रों के घरों तक पहुंचकर उनके परिवारों पर भी दबाव बनाया जा रहा है।
श्री कुमार ने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग करने वाले युवाओं के साथ भय और उत्पीड़न का व्यवहार संविधान की भावना के विपरीत है। उन्होंने प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप कर सभी छात्र आंदोलनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, कथित उत्पीड़न रोकने तथा आंदोलन से जुड़े प्रतिभागियों के खिलाफ दर्ज सभी मामलों को वापस लेने की अपील की। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि असहमति जताने वाले युवाओं को डराया जाएगा तो लोकतंत्र की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न खड़ा होगा।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित