बरेली , जुलाई 22 -- उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र संगठनों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और अन्य दलों के कार्यकर्ता छात्रों की आड़ में प्रदर्शन में शामिल हो गए थे, जिससे उपद्रव की स्थिति उत्पन्न हुई। बरेली में बुधवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए श्री मौर्य ने कहा कि विपक्ष छात्र आंदोलन को राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रहा है। उनके अनुसार, आंदोलन की आड़ में विपक्षी दल अपने राजनीतिक हित साधने की कोशिश कर रहे थे। नीट पेपर लीक प्रकरण को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की विपक्ष की मांग को भी उन्होंने खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं पहले भी होती रही हैं और वर्तमान सरकार ने ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। इसलिए इस्तीफे का कोई औचित्य नहीं है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष निराश और हताश है, जबकि केंद्र और प्रदेश सरकार वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य तथा गांवों तक शहरी सुविधाएं पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के हितों और विकास के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन की आड़ में विपक्षी दल अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने का प्रयास कर रहे थे और उपद्रव के पीछे भी उनकी साजिश थी। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई है। वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए श्री मौर्य ने कहा कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव "मुंगेरी लाल के हसीन सपने" देख रहे हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी एक बार फिर पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा का बूथ अध्यक्ष सम्मेलन अभियान संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत करेगा, क्योंकि चुनावी जीत की नींव बूथ स्तर पर ही रखी जाती है। उन्होंने राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर विकास कार्यों से परेशान होने का आरोप भी लगाया।
इससे पूर्व उपमुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक में भाग लिया और प्रदेश सरकार की 37 प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति, बजट व्यय तथा लाभार्थियों को मिल रही सुविधाओं की जानकारी अधिकारियों से प्राप्त की।
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