नयी दिल्ली , अगस्त 11 -- कांग्रेस ने छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर सरकार से संसद में जवाब देने की मांग दोहराते हुए कहा है कि जब तक गृह मंत्री अमित शाह संसद में बयान नहीं देते पार्टी इस मुद्दे पर सरकार से सवाल पूछती रहेगी।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को संसद भवन परिसर में पत्रकारों के सवालों के जवाब में कहा कि कांग्रेस के तीन मुद्दे स्पष्ट हैं- छात्रों पर लाठीचार्ज और पैलेट गन के इस्तेमाल की इजाजत किसने दी, इस पर गृहमंत्री शाह को सदन में आकर जवाब देना चाहिए। पुलिस बर्बरता के कारण कई बच्चे घायल हुए हैं, इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को माफी मांगनी चाहिए और राम मंदिर में हुई 'चढ़ावा चोरी' के मामले में जवाब देना चाहिये।

उन्होंने कहा, "मैंने पहली बार देखा है कि सत्ता पक्ष के सांसद प्रदर्शन कर रहे हैं। कम से कम हम उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर करने में सफल हुए हैं। अब श्री शाह को सदन में आकर बयान देना चाहिए।"कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि उन्होंने पहले कभी नहीं देखा कि सत्ता पक्ष के सांसद प्रदर्शन कर रहे हों। उन्होंने कहा कि कम से कम विपक्ष उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर करने में सफल हुआ है और अब श्री शाह को सदन में आकर बयान देना चाहिए।

पार्टी महासचिव के. सी. वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस पहले दिन से तीन मुख्य मुद्दे उठा रही है। उन्होंने कहा कि देश के मन में उठ रहे सवालों को विपक्ष सदन में उठा रहा है, लेकिन सत्तापक्ष के सदस्य उनका जवाब देने से बच रहे हैं।

कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि देश के मन में उठ रहे सवाल विपक्ष के जरिए सदन में उठाये जा रहे हैं लेकिन सत्तापक्ष के सदस्य उनका जवाब देने से बच रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने राम मंदिर ट्रस्ट बनाया और उसमें अपने पसंदीदा लोगों को शामिल किया। ऐसे में यदि 'चंदा चोरी' होती है तो प्रधानमंत्री से सवाल पूछे जाएंगे।

श्री खेड़ा ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार अपने 'टूलकिट' का इस्तेमाल कर देश का ध्यान इन मुद्दों से भटकाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को समझ लेना चाहिए कि उसके 'टूलकिट' और सरकार दोनों की समाप्ति की तारीख आ चुकी है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार छात्रों से बातचीत कर रहे हैं और कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल भी छात्रों से मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता युवा मोर्चा के लोगों को पड़ोसी राज्यों से झारखंड में भेजा गया, ताकि छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन को हिंसक बनाया जा सके।

कांग्रेस नेता ने कहा कि झारखंड सरकार ने अपने मंत्री को छात्रों और युवाओं से मिलने के लिए भेजा है लेकिन क्या मोदी सरकार का कोई मंत्री जंतर-मंतर पर छात्रों से मिलने गया था। उन्होंने कहा, "जंतर-मंतर की बात तो दूर, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सदन में नहीं आना चाहते, क्योंकि उनके सारे चिट्ठे सामने आ चुके हैं। छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर चढ़ावा चोरी से जुड़े सवालों पर सरकार को संसद में जवाब देना चाहिए।

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