पटना , जुलाई 24 -- बिहार विधानसभा की कार्यवाही शुक्रवार को शुरू होने के कुछ ही मिनटों के भीतर और सूचीबद्ध कार्य नहीं लिए जाने से पहले ही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। राष्ट्रीय जनता दल (राजद)के वरिष्ठ सदस्य आलोक मेहता ने पिछले दिनों पटना में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और लाठीचार्ज का मुद्दा सदन में उठाया, जिसके बाद विपक्ष के भारी हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही बाधित हुई।
श्री मेहता ने सदन की कार्यवाही शुरू होते ही यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने छात्रों पर बल प्रयोग किया है। उन्होंने सरकार को छात्र-विरोधी बताते हुए कहा कि बिहार से लेकर दिल्ली तक की सरकारें छात्रों के खिलाफ काम कर रही हैं।
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के विधायक राजू तिवारी ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए राज्य की राजधानी में आंदोलन के दौरान हुई हिंसा, विशेषकर मीडिया कर्मियों और राजनीतिक नेताओं पर कथित हमलों का उल्लेख करते हुए इसे गुंडागर्दी और तोड़फोड़ का स्पष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं से स्पष्ट है कि आंदोलन में वास्तविक छात्रों के बजाय असामाजिक तत्व शामिल थे।
श्री तिवारी ने मांग की कि सदन लक्षित हिंसा के दोषियों की सर्वसम्मति से निंदा का प्रस्ताव पारित करे।
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