नयी दिल्ली , जुलाई 21 -- कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी तथा कुछ अन्य दलों के सांसदों ने मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर छात्रों के मुद्दे पर संसद में चर्चा कराने की मांग करते हुए कहा कि यह छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है और इस पर सदन में व्यापक चर्चा होनी चाहिए।

श्री बिरला से मिलने गये श्री गांधी के साथ अन्य नेताओं में समाजवादी पार्टी के सदस्य धमेंद्र यादव, शिवसेना(यूबीटी) के अरविंद सावंत तथा रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) के एन के प्रेम चंद्रन शामिल थे।

श्री गांधी ने लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात के बाद संसद भवन परिसर में पत्रकारों से कहा कि उन्होंने श्री बिरला से सदन में छात्रों के मुद्दे पर चर्चा कराने का आग्रह किया, लेकिन उन्हें बताया गया कि इसके लिए सरकार से बात करनी होगी। उन्होंने कहा कि संसद को छात्रों पर हुए अत्याचार और परीक्षा प्रणाली से जुड़े संकट पर सरकार की जवाबदेही तय करने के लिए विस्तृत चर्चा करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर संसद में चर्चा होनी चाहिए। छात्रों पर लाठीचार्ज और मारपीट की जा रही है, जो पूरी तरह गलत है। देश के युवा ध्वस्त हो चुकी शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मुद्दे पर चुप हैं। उन्हें छात्रों से माफी मांगनी चाहिए और छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग तत्काल बंद कराना चाहिए।

श्री गांधी ने कहा कि देश के युवाओं के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। युवाओं के सामने अवसरों के सभी रास्ते लगभग बंद हो चुके हैं। केवल प्रतियोगी परीक्षाओं का रास्ता बचा था, लेकिन वह व्यवस्था भी बर्बाद हो गई है।

उन्होंने कहा कि यह केवल शिक्षा का मामला नहीं है, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य का सवाल है। छात्र केवल शिक्षा व्यवस्था की शिकायत नहीं कर रहे हैं, बल्कि अपने भविष्य को लेकर भी चिंतित हैं और कह रहे हैं कि उन्हें अपने भविष्य की कोई उम्मीद दिखाई नहीं दे रही है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि इस पूरे मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस गंभीर विषय पर संसद में व्यापक चर्चा कराई जानी चाहिए।

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