चंडीगढ़ , जुलाई 24 -- पंजाब सरकार ने शुक्रवार को मोगा जिले के गांव मोथांवाली स्थित सरकारी मिडिल स्कूल में तैनात एक सामाजिक अध्ययन (सोशल स्टडीज) के शिक्षक को छात्राओं की शिकायत के बाद तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

यह कार्रवाई जिला शिक्षा अधिकारी (सेकेंडरी), मोगा की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के निर्देश पर की गयी।

स्कूल शिक्षा विभाग के अनुसार, छठी और आठवीं कक्षा की छात्राओं ने आरोप लगाया कि संबंधित शिक्षक ने उनके साथ अनुचित शारीरिक व्यवहार किया तथा घटना की जानकारी किसी को देने पर परीक्षा में फेल करने की धमकी दी। घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए श्री बैंस ने कहा कि पंजाब सरकार सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले प्रत्येक विद्यार्थी की सुरक्षा, गरिमा और मानसिक स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने कहा, " सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले प्रत्येक विद्यार्थी की सुरक्षा, सम्मान और मानसिक भलाई से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार बच्चों को डराने-धमकाने या नुकसान पहुंचाने के लिए अपने पद का दुरुपयोग करने वाले किसी भी शिक्षक के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाती है। मामले की समयबद्ध जांच के आदेश दिये गये हैं और आरोप सिद्ध होने पर संबंधित शिक्षक के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। "शिक्षा मंत्री ने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में सुरक्षित, संरक्षित और बाल-अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़ी किसी भी शिकायत पर त्वरित और सख्त कार्रवाई की जाएगी।

विभाग के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान आरोपी शिक्षक को सेवा नियमों के अनुसार निर्वाह भत्ता (सब्सिस्टेंस अलाउंस) मिलेगा। इस दौरान उनका मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी (सेकेंडरी), मोगा का कार्यालय निर्धारित किया गया है, जहां उन्हें अगले आदेश तक प्रतिदिन अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी।

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