लखनऊ , अप्रैल 2 -- उत्तर प्रदेश सरकार ने छात्र-छात्राओं के हित में एक अहम निर्णय लेते हुए छात्रवृत्ति से वंचित रह गए विद्यार्थियों को बड़ा अवसर देने की घोषणा की है।

समाज कल्याण विभाग शैक्षिक सत्र 2025-26 के अंतर्गत संचालित छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत छूटे हुए छात्रों के लिए पोर्टल को जल्द ही दोबारा खोलेगा, जिससे वे पुनः आवेदन कर योजना का लाभ प्राप्त कर सकें।

इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र छात्र केवल तकनीकी या अन्य कारणों से छात्रवृत्ति से वंचित न रह जाए।

योजना का लाभ सामान्य वर्ग, अनुसूचित जाति , अनुसूचित जनजाति के साथ-साथ ट्रांसजेंडर समुदाय के विद्यार्थियों को भी मिलेगा। इसे सामाजिक समावेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

समाज कल्याण विभाग के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 में भी इसी तरह की पहल के तहत पोर्टल खोला गया था। इसके माध्यम से 53,041 छात्रों को कुल 81.12 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति प्रदान की गई।

विभाग के अनुसार इनमें अनुसूचित जाति के 25,395 छात्रों को 30.65 करोड़ रुपये तथा सामान्य वर्ग के 27,646 छात्रों को 50.47 करोड़ रुपये की सहायता दी गई।

समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि हर जरूरतमंद छात्र तक शिक्षा का लाभ पहुंचे और कोई भी छात्र आर्थिक कारणों से अपनी पढ़ाई बीच में न छोड़े।

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