लखनऊ , अक्टूबर 03 -- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी( सपा) सरकार पर छात्रवृत्ति में अनियमितता का आरोप लगाते हुए कहा कि 2016-17 में अनुसूचित जाति-जनजाति के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति तक नहीं भेजी गई थी। उन्होंने कहा कि 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद 2016-17 और 2017-18 की छात्रवृत्ति एक साथ भेजी गई।

लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने चालू वित्त वर्ष में पूर्वदशम और दशमोत्तर कक्षाओं के 4.60 लाख से अधिक विद्यार्थियों के खातों में 148 करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति हस्तांतरित की। इस दौरान उन्होंने 11 विद्यार्थियों को मंच पर छात्रवृत्ति प्रमाण पत्र भी प्रदान किए।

योगी ने कहा कि पहले करीब 2,900 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति दी जाती थी, जबकि वर्तमान में सरकार करीब 6,200 करोड़ रुपये छात्रवृत्ति के रूप में दे रही है। उनके मुताबिक पिछले नौ वर्षों में चार करोड़ से अधिक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ मिला है। गत वर्ष 69 लाख विद्यार्थियों को 6,200 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति दी गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रवृत्ति की राशि अब सीधे विद्यार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म हुई है। उन्होंने कहा कि पहले छात्रवृत्ति के लिए विद्यार्थियों को दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे और कई पात्र विद्यार्थी लाभ से वंचित रह जाते थे।

उन्होंने समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण और अल्पसंख्यक कल्याण विभागों को निर्देश दिया कि कोई पात्र विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित न रहे और निर्धारित समय पर धनराशि खाते में पहुंचे। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष विभिन्न कारणों से अनुसूचित जाति-जनजाति के करीब चार लाख विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति नहीं मिल सकी थी। पोर्टल में सुधार के बाद अब इन विद्यार्थियों को भी लाभ दिया जा रहा है।

योगी ने विद्यार्थियों से छात्रवृत्ति की राशि का उपयोग शिक्षा के लिए करने की अपील की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी इससे पाठ्य और संदर्भ पुस्तकें खरीदें तथा महापुरुषों की आत्मकथाओं और ज्ञानवर्धक पुस्तकों का अध्ययन करें। उन्होंने बताया कि सरकार दो करोड़ युवाओं को टैबलेट देने की योजना पर काम कर रही है और अब तक 60 लाख युवाओं को टैबलेट दिए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य छात्रवृत्ति का लाभ पाने वाले विद्यार्थियों की संख्या को बढ़ाकर 70 लाख तक करना है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार अब तक करीब 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दे चुकी है और अगले छह माह में एक लाख और युवाओं को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य है।

उन्होंने कहा कि अगले महीने 50 हजार मेधावी छात्राओं को स्कूटी दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार युवाओं और बालिकाओं के लिए शिक्षा तथा आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध करा रही है।

योगी ने विद्यार्थियों से मेहनत और ईमानदारी से तैयारी करने का आह्वान किया। मंच पर मौजूद मंत्रियों के संघर्ष का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि परिश्रम का कोई विकल्प नहीं है और ईमानदारी से किया गया प्रयास परिणाम तक पहुंचाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के बाद प्रदेश के विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया गया है। ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से विद्यालयों में शौचालय, पेयजल, फर्नीचर और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। बेसिक शिक्षा परिषद के करीब 1.60 करोड़ बच्चों को दो यूनिफॉर्म, बैग, किताबें, स्वेटर और जूते-मोजे जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं।

उन्होंने बताया कि निर्माण श्रमिकों, अनाथ और निराश्रित बच्चों के लिए प्रदेश के 18 मंडलों में अटल आवासीय विद्यालय संचालित हैं। गरीब परिवारों की बालिकाओं के लिए 746 विकासखंडों में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय हैं, जिन्हें कक्षा आठ से बढ़ाकर 12वीं तक किया गया है। इसके अलावा पीएमश्री विद्यालय और जयप्रकाश नारायण आश्रम पद्धति के आवासीय विद्यालय भी संचालित किए जा रहे हैं।

योगी ने कहा कि प्रोजेक्ट अलंकार के तहत 2,300 से अधिक विद्यालयों में नए भवन और आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। इनमें प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, अटल टिंकरिंग लैब, डिजिटल पुस्तकालय और स्मार्ट कक्षाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अब हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 15 दिन में तथा परिणाम भी निर्धारित समय में घोषित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब विकास की सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे भविष्य में विकसित और समृद्ध भारत के निर्माण में योगदान दें।

उन्होंने कहा कि देश से बढ़कर कुछ नहीं हो सकता और देश सुरक्षित, समृद्ध तथा खुशहाल रहेगा तो समाज और प्रदेश भी आगे बढ़ेगा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित