चेन्नई , जुलाई 15 -- टीवीके के संस्थापक एवं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की बहुप्रतीक्षित आखिरी फिल्म 'जना नायकन' कानूनी एवं राजनीतिक सभी बाधाओं को पार करने के बाद आखिरकार 23 जुलाई को रिलीज़ होगी।
यह फ़िल्म जनवरी 2026 में पोंगल त्योहार के दौरान रिलीज़ होने वाली थी लेकिन सेंसरशिप की दिक्कतों की वजह से इसमें छह महीनों की देरी हो गई। फ़िल्म की निर्माण टीम ने बुधवार दोपहर आधिकारिक रूप से घोषणा की कि फ़िल्म 23 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी, जिससे विजय के बहुत सारे प्रशंसकों में खुशी की लहर दौड़ गयी।
इस फिल्म का निर्देशन एच. विनोथ ने किया है और केवीएन प्रोडक्शंस के तहत वेंकट के. नारायण निर्मित इस फ़िल्म को शुरू में पोंगल पर बड़े पैमाने पर रिलीज़ करने की योजना थी। सेंसरशिप को लेकर लंबे विवाद के कारण इसकी रिलीज़ को लगभग छह महीने आगे बढ़ाना पड़ा और आखिरकार 23 जुलाई को यह रिलीज होने वाली है।
प्रोडक्शन हाउस ने हाल ही में एक नया पोस्टर शेयर करते हुए बताया कि फिल्म को 'ए' सर्टिफिकेट मिला है और यह जल्द ही सिनेमाघरों में दर्शकों के बीच आयेगी। खास बात यह है कि प्रमोशनल सामग्री में पहली बार विजय को "माननीय मुख्यमंत्री" कहकर संबोधित किया गया।
'जना नायकन' राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने वाली तेलुगु फ़िल्म 'भगवंत केसरी' का रीमेक है, जिसमें नंदमुरी बालकृष्ण और श्रीलीला ने काम किया था। कहा जा रहा है कि तमिल में फ़िल्म के भावनात्मक पहलू को बनाए रखते हुए मज़बूत राजनीतिक पहलू भी शामिल किये गये हैं।
फिल्म में ममिता बैजू, पूजा हेगड़े, प्रकाश राज, बॉबी देओल, गौतम वासुदेव मेनन, प्रियामणि और नारायण जैसे कलाकारों ने काम किया है। फिल्म में अनिरुद्ध रविचंदर का संगीत, सत्यन सूर्यन की सिनेमैटोग्राफी, प्रदीप ई राघव का संपादन और वी सेल्वाकुमार का प्रोडक्शन डिजाइन है।
फिल्म को नौ जुलाई को सेंसर सर्टिफ़िकेट मिला है जिसके लगभग दो हफ़्ते बाद यह फ़िल्म सिनेमाघरों में रिलीज होगी। सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ फ़िल्म सर्टिफ़िकेशन ने इसे आधिकारिक तौर पर 'ए' सर्टिफ़िकेट दिया है, जिससे इसके सिनेमाघरों में रिलीज़ होने का रास्ता साफ़ हो गया है। सीबीएफसी की आधिकारिक वेबसाइट पर मौजूद सर्टिफ़िकेशन से फ़िल्म की अवधि 183 मिनट (3 घंटे और 3 मिनट) होने की पुष्टि होती है।
यह फिल्म बहुत अहम है क्योंकि इसके ज़रिए वे फ़िल्मों से विदाई लेने वाले थे ताकि वे पूरी तरह से राजनीति में आ सकें और अपने पहले ही चुनाव में मुख्यमंत्री बन सकें।
यह फ़िल्म न सिर्फ़ अपने कलाकारों की वजह से बल्कि अपने राजनीतिक संदर्भ की वजह से भी काफ़ी चर्चा में रही है; खासकर इसलिए क्योंकि विजय अब मुख्यमंत्री हैं और फ़िल्म की कहानी में शासन-व्यवस्था एवं सार्वजनिक जीवन का उल्लेख है।
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