बलरामपुर , अप्रैल 07 -- छत्तीसगढ में बलरामपुर जिले के एक किसान ने समर्थन मूल्य पर धान न खरीदने पर धान खरीद केन्द्र के खिलाफ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के बाद अदालत ने किसान के पक्ष में फैसला सुनाया है। पक्ष में फैसला आने के बाद किसान ने अदालत के फैसले के सम्मान में ढोल नगाड़ा बजाया, घर से लेकर धान खरीद केंद्र तक ढोल नगाड़ा और लाउड स्पीकर के साथ उसने धान खरीद केंद्र में जाकर समर्थन मूल्य पर धान बेचा।
किसान से मंगलवार को मिली जानकारी के अनुसार,जिला मुख्यालय से करीब पांच किलोमीटर दूर चित विश्रामपुर पंचायत निवासी किसान राजदेव मिंज का लगभग 524 बोरा धान ऑनलाइन टोकन नहीं कट पाने के कारण निर्धारित समय सीमा में नहीं बिक सका था। किसान का आरोप है कि वह कई बार खरीदी केंद्र पहुंचा लेकिन टोकन नहीं काटा गया और आवेदन तक स्वीकार नहीं किया गया। अधिकारियों द्वारा समय सीमा समाप्त होने का हवाला देते हुए धान खरीदी से मना कर दिया गया था। इसके बाद किसान ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने किसान के पक्ष में फैसला सुनाते हुए प्रशासन को धान खरीदी सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। आदेश के पालन में किसान का धान खरीदी केंद्र में खरीद लिया गया है।
बताया जाता है कि इस वर्ष धान खरीदी के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में किसानों को टोकन जारी होने में देरी, खरीदी अवधि सीमित होने, बारदाना की कमी और केंद्रों में अव्यवस्था जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। कई किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा, वहीं कुछ मामलों में तकनीकी कारणों से भुगतान में भी विलंब की शिकायतें सामने आईं। इन परिस्थितियों में किसानों द्वारा खरीदी अवधि बढ़ाने की मांग भी उठाई गई, जिसके बाद शासन स्तर पर अतिरिक्त दिनों में खरीदी का निर्णय लिया गया था।
न्याय मिलने के बाद किसान राजदेव मिंज ट्रैक्टर में धान लोड कर गांव के ग्रामीणों के साथ बैंड-बाजे के साथ बरदर धान खरीदी केंद्र पहुंचे। इस दौरान ग्रामीणों ने खुशी जाहिर करते हुए नाच-गाकर जश्न मनाया।
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