बीजापुर , अप्रैल 22 -- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर संभाग को नक्सल मुक्त होने के बाद विकास कार्यों में तेजी लाने की दो महत्वाकांक्षी योजनाओं का क्रियान्वयन होने जा रहा है जिसमें बस्तर 'मुन्ने' जिसका गोंडी में शाब्दिक अर्थ है 'अग्रणी बस्तर' और दूसरा योजना 'नियद नेल्लानार 2.O' है। इस अभियान का मूल उद्देश्य एनसीएईआर सर्वे में नियद नेल्लानार अंतर्गत 31 जन कल्याणकारी योजनाओं से वंचित पाए गए परिवारों को शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित करना है। बस्तर मुन्ने अभियान के तहत सभी गांवों में मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के साथ उपलब्ध कराया जाएगा। ग्रामीणों के मांग पर प्राथमिकता के साथ मूलभूत सुविधाओं जैसे बिजली पानी सड़क अस्पताल मोबाइल टावर जैसे प्रमुख 8-10 अधोसंरचना को पहले प्राथमिकता दी जाएगी जिसके ग्राम सभा के माध्यम से यह तय किया जाएगा कि गांव के विकास के लिए पहले तीन महत्वपूर्ण कार्यों के लिए प्रस्ताव पारित होगा। जिसे निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण भी किया जाएगा।
वहीं पूर्व में नियद नेल्लानार अभियान के तहत पुलिस सुरक्षा कैंप 10 किलोमीटर की परिधि वाले गांव को शामिल किया गया था लेकिन अब बीजापुर नक्सल मुक्त होने से नियद नेल्लानार 2.O के तहत जिले के सभी गांव और ग्राम पंचायत दायरे में आ गया है। जिसमें 31 व्यक्ति मूलक योजनाओं,14 सामुदायिक सुविधाएं,और 10 वांछित योजनाओं के कार्य शत-प्रतिशत सैचुरेशन किए जाएंगे।
कलेक्टर संबित मिश्रा ने बताया कि उक्त योजनाओं को जमीनी स्तर शत-प्रतिशत सैचुरेशन करने मैदानी अमला एक सप्ताह तक गांव में रहकर सभी हितग्राहियों से घर-घर मिलेंगे और सर्वे करेंगे तत्पश्चात शिविर आयोजित कर ग्रामीणों को लाभान्वित करेंगे।
यह सर्वे 27 अप्रैल से शुरू होगा जिसमें पहले चरण में 80 गांव शामिल होगा और सभी गांवों में क्रमशः होगा। कलेक्टर मिश्रा ने उक्त अभियान के व्यापक प्रचार प्रसार स्थानीय स्तर पर मुनादी कराने के भी निर्देश दिए हैं। वहीं जिला जनपद एवं पंचायत स्तर के अध्यक्ष उपाध्यक्ष और समस्त सदस्यों तथा जिले के मीडिया प्रतिनिधियों से भी आग्रह करते हुए छत्तीसगढ़ शासन के इस महत्वाकांक्षी योजनाओं को ग्रामीणों तक पहुंचाने को कहा है। साथ सभी ग्रामीणों को विकास के अभियान में शामिल होने और सर्वे में आने वाले अधिकारी कर्मचारियों को सहयोग करने अपने समस्त दस्तावेजों को घर सुरक्षित रखने का भी आह्वान किया है ताकि इस अभियान कोई भी व्यक्ति छूटे और अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित हो सके और नक्सल मुक्त बीजापुर विकास की ओर अग्रसर बढ़ सके।
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