रायपुर , जून 01 -- छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आरोपी अनवर ढेबर, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा और उनसे जुड़े नेटवर्क की 1000 करोड़ रुपये से अधिक बाजार मूल्य की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की हैं।
एजेंसी ने मामले में विशेष पीएमएलए अदालत, रायपुर में छठी अनुपूरक अभियोजन शिकायत भी दाखिल की है।
ईडी के अनुसार पीएमएलए के तहत जारी तीन अनंतिम कुर्की आदेशों में शामिल संपत्तियों का विलेख मूल्य करीब 200 करोड़ रुपये है, जबकि उनका बाजार मूल्य 1000 करोड़ रुपये से अधिक आंका गया है।
जांच एजेंसी का आरोप है कि 2019 से 2023 के बीच कथित शराब सिंडिकेट ने सरकारी अधिकारियों, डिस्टिलरी संचालकों और निजी संस्थाओं की मिलीभगत से आबकारी व्यवस्था में हस्तक्षेप कर 2,883 करोड़ रुपये की अवैध आय अर्जित की। यह कमाई शराब की खरीद दरों में हेरफेर, अवैध शराब उत्पादन और लाइसेंस आवंटन में कथित अनियमितताओं के जरिये हुई।
कुर्क संपत्तियों में रायपुर की भूमि और अचल संपत्तियों के अलावा उत्तर गोवा के अंजुना स्थित लग्जरी होटल "वेस्टिन गोवा" भी शामिल है। ईडी का दावा है कि होटल का अधिग्रहण कथित रूप से घोटाले से प्राप्त धन से किया गया था।
इसके अलावा कुछ एफएल-10ए लाइसेंसधारी कंपनियों के बैंक खाते, शेयर और म्यूचुअल फंड निवेश भी कुर्क किये गये हैं। एजेंसी के अनुसार इन कंपनियों से सिंडिकेट को मुनाफे का हिस्सा दिया जाता था।
ईडी ने अपनी नवीनतम अभियोजन शिकायत में व्यवसायी विजय भाटिया, टी. भुनेश्वर राव, प्रोबीर शर्मा और निखिल चंद्राकर को भी आरोपी बनाया है। एजेंसी के मुताबिक इनकी भूमिका कथित तौर पर धन के हस्तांतरण और वित्तीय लेनदेन में रही है।
ईडी ने बताया कि इस मामले में पीएमएलए के तहत आरोपियों की कुल संख्या अब बढ़कर 85 हो गयी है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित