रायपुर , मार्च 12 -- छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र के नौंवे दिन गुरुवार को सदन की कार्यवाही प्रश्नकाल से शुरू होते ही सुड़क सुरक्षा, स्वास्थ्य भुगतान और गैस आपूर्ति को लेकर हंगामा हुआ।

प्रश्नकाल के दौरान उप मुख्यमंत्री अरुण साव, मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विजय शर्मा के स्थान पर मंत्री केदार कश्यप और गुरु खुशवंत साहेब ने विधायकों के सवालों के जवाब दिए।

सदन में सबसे पहले विधायक किरण सिंहदेव ने मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना में बिना सर्वे और टेंडर के कार्य किए जाने को लेकर आपत्ति जताई। इस पर मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि संवेदनशील क्षेत्रों में डीएमएफ से भी कार्य स्वीकृत किए गए हैं और अगले एक वर्ष में यह कार्य पूरे होंगे।

अकलतरा क्षेत्र में सड़क हादसों और लगातार हो रही मौतों पर विधायक राघवेंद्र कुमार सिंह ने चिंता व्यक्त की। श्री कश्यप ने विधायक को भरोसा दिलाया कि इस दिशा में विशेष निगरानी रखी जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग को लेकर कोंडागांव विधायक लता उसेंडी ने कार्यक्रमों के भुगतान में देरी पर सवाल उठाया। उन्होंने बताया कि पिछले एक माह में भुगतान का आश्वासन मिलने के बावजूद नौ माह बीत जाने के बाद भी भुगतान नहीं हुआ।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कवासी लखमा ने भी इस मामले में सुनवाई न होने पर नाराजगी जताई। स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने कहा कि वर्क आर्डर मिलने के बाद ही भुगतान होगा और गलत जानकारी देने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।

सत्र के दौरान विपक्ष ने गैस आपूर्ति और मूल्य वृद्धि को लेकर स्थगन प्रस्ताव रखा। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने प्रदेश में अफरातफरी की स्थिति बताई, जबकि मुख्यमंत्री ने संकट की स्थिति से इंकार किया। इस मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष में तीखी बहस हुई।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि पूरे प्रदेश में लोग गैस सिलेंडर नहीं पा रहे हैं और कालाबाजारी बढ़ रही है। हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।

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