रायपुर , जुलाई 13 -- छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत सोमवार को विश्वविख्यात पंडवानी गायिका डॉ. तीजन बाई को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप सहित सत्ता और विपक्ष के वरिष्ठ सदस्यों ने डॉ. तीजन बाई के योगदान को याद किया। श्रद्धांजलि के बाद सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित कर दी गई।
मुख्यमंत्री ने कहा, "डॉ. तीजन बाई ने पंडवानी गायन की कापालिक शैली को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और अपनी विलक्षण प्रतिभा से लोककला को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। उनकी प्रस्तुतियों में गायन और अभिनय का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता था। पात्रों का सजीव चित्रण, ओजपूर्ण वाणी और प्रभावशाली प्रस्तुति श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर देती थी।" उन्होंने कहा कि उनका जीवन संघर्ष, साधना और समर्पण का प्रेरक उदाहरण रहा तथा सामाजिक रूढ़ियों को चुनौती देकर उन्होंने आने वाली पीढ़ियों के लिए नई राह बनाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके निधन से छत्तीसगढ़ ने अपनी लोकसंस्कृति का एक अनमोल रत्न खो दिया है।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. महंत ने कहा, "यह सदन में पहला अवसर है, जब हम किसी पदम् सम्मान से सम्मानित विभूति पर चर्चा कर रहे हैं। डॉ. तीजन बाई का जाना हम सबके लिए अपूरणीय क्षति है। मैं अपने विधायक दल की ओर श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ।"संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा, "डॉ. तीजन बाई ने छत्तीसगढ़ का गौरव विश्व पटल पर स्थापित किया। मैं अपने मंत्रालय की ओर से श्रद्धांजलि देता हूँ।"पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, "डॉ. तीजन बाई ऐसे परिवार से थीं, जहाँ शिक्षा का अभाव रहा। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस देश को गौरवान्वित किया। उनका जीवन कर्म हम सबके लिए प्रेरित करने वाला है।"संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने कहा, "डॉ. तीजन बाई का जीवन बेहद संघर्षमय रहा है। लेकिन कठिन परिस्थितियों के बीच उन्होंने पंडवानी गायन के माध्यम से खुद को स्थापित किया। छत्तीसगढ़ को गौरांवित किया। उनका जाना पूरी दुनिया लोक कला के लिए एक बड़ी क्षति है।"मंत्री गजेंद्र यादव तथा विधायक किरण सिंह देव, अनुज शर्मा, अनिला भेड़िया, कुँवर सिंह निषाद और भईया लाल कोरसेवाड़ा ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
सत्र के पहले दिन मंत्री गुरु खुशवंत साहेब और विधायक ललित चंद्राकर महिला सशक्तिकरण का संदेश देते हुए पिंक ई-रिक्शा से विधानसभा पहुंचे। विधानसभा रवाना होने से पहले मंत्री खुशवंत साहेब ने कहा कि पिंक ई-रिक्शा महिलाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता का प्रभावी माध्यम बन रही है। उन्होंने आम लोगों से अधिक से अधिक पिंक ई-रिक्शा का उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि इससे "पिंक दीदियों" को रोजगार के अधिक अवसर मिलेंगे और वे आर्थिक रूप से सशक्त होंगी।
सत्र प्रारंभ होने से पहले विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में कार्य मंत्रणा समिति की बैठक हुई। बैठक में मुख्यमंत्री साय, नेता प्रतिपक्ष डॉ. महंत, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी सहित समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
पांच दिवसीय मानसून सत्र के पहले दिन से ही सत्ता और विपक्ष के बीच तल्खी देखने को मिली। कांग्रेस ने बिजली, महंगाई और 'नकटी' जैसे जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। पार्टी 14 जुलाई को सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी लाने की तैयारी में है।
कार्यवाही के दौरान कांग्रेस ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मुद्दा उठाते हुए स्थगन प्रस्ताव प्रस्तुत किया। नेता प्रतिपक्ष डॉ. महंत ने कहा, "छत्तीसगढ़ के तीन करोड़ रामभक्तों की आस्था के साथ छल हुआ है।"इस पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने आपत्ति जताते हुए कहा कि यह विधानसभा का विषय नहीं है। जवाब में महंत ने कहा, "23 फरवरी 2024 को सदन में कृतज्ञता ज्ञापन पेश किया था। उस वक्त सदन की भावना जुड़ी थी। आज सत्तापक्ष इस विषय पर निंदा प्रस्ताव ले आए, हम समर्थन करेंगे। छत्तीसगढ़ के लोगों के पैसों की लूट पर चर्चा चाहते हैं।"उन्होंने कहा कि जिस त्रिलोकीनाथ की चर्चा स्वर्ग में होती है, जिस राम के नाम की चर्चा होती है, दुर्भाग्य है कि उनके नाम पर यहाँ चर्चा पर आपत्ति जताई जा रही है। संख्या के आधार पर सत्तापक्ष ने सदन में कृतज्ञता ज्ञापन लाकर अपनी भावना जाहिर की थी। तब बृजमोहन अग्रवाल सदस्य के रूप में इस प्रस्ताव को लेकर आए थे।
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