रायपुर , अगस्त 02 -- छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद के चुनाव में नामांकन की स्क्रूटनी के बाद बड़ा बदलाव सामने आया है। भारतीय युवा कांग्रेस ने वैध उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है, जिसमें पूर्व मंत्री अमरजीत भगत के पुत्र आदित्य भगत का नामांकन आयु संबंधी पात्रता पूरी नहीं होने के कारण निरस्त कर दिया गया है। इसके साथ ही अब प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए 17 उम्मीदवार चुनावी मुकाबले में रह गए हैं।

चुनाव प्रक्रिया के तहत प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए कुल 19 नामांकन दाखिल किए गए थे। स्क्रूटनी के दौरान आदित्य भगत को अपात्र घोषित किया गया। भारतीय युवा कांग्रेस के निर्धारित नियमों के अनुसार केवल 28 मई 1990 के बाद जन्मे अभ्यर्थी ही चुनाव लड़ने के पात्र हैं। इसी प्रावधान के आधार पर उनका नामांकन रद्द किया गया।

नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद संगठन के भीतर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस के अंदरूनी हलकों में यह चर्चा है कि प्रदेश अध्यक्ष पद की मुख्य लड़ाई शैलेंद्र बंजारे और सत्येंद्र चेलक के बीच सिमटती दिखाई दे रही है।

राजनीतिक चर्चाओं के अनुसार वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा, विधायक देवेंद्र यादव तथा पूर्व मंत्री रुद्र गुरु का समर्थन शैलेंद्र बंजारे को मिलने की बात कही जा रही है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज तथा पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव सहित कई वरिष्ठ नेताओं का समर्थन सत्येंद्र चेलक के पक्ष में माना जा रहा है।

युवा कांग्रेस चुनाव केवल प्रदेश अध्यक्ष तक सीमित नहीं रहेगा। इसके तहत 16 प्रदेश उपाध्यक्ष, 53 प्रदेश महासचिव, जिला अध्यक्ष, जिला महासचिव, विधानसभा अध्यक्ष तथा ब्लॉक अध्यक्ष सहित विभिन्न संगठनात्मक पदों के लिए भी निर्वाचन कराया जाएगा। मतदान प्रक्रिया जल्द शुरू होने की संभावना है।

स्क्रूटनी के बाद प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए जिन 17 उम्मीदवारों के नाम अंतिम सूची में शामिल हैं, उनमें सत्येंद्र चेलक, शैलेंद्र बंजारे, विनोद कश्यप (भक्कू), भावेंद्र गंगोत्री, दीक्षा पांडे, जसमीत शर्मा (सोनू शर्मा), कपिल कांत नाग, मानव देशमुख, मृदुला भास्कर, परमीत बग्गा (हनी बग्गा), प्रशांत बोकड़े, प्रीतिका विश्वकर्मा, प्रीति वैष्णव, सागर बाघमारे, सजल चंद्राकर, शालिनी रामटेके और सोनिका पोर्ते शामिल हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह चुनाव केवल युवा कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष के चयन तक सीमित नहीं है, बल्कि कांग्रेस के भीतर विभिन्न नेताओं के प्रभाव और संगठनात्मक शक्ति संतुलन की भी महत्वपूर्ण परीक्षा माना जा रहा है। ऐसे में चुनाव परिणाम का असर युवा कांग्रेस के साथ-साथ प्रदेश कांग्रेस की आंतरिक राजनीति पर भी पड़ने की संभावना है।

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