रायपुर , अप्रैल 17 -- ) छत्तीसगढ़ में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू ) और भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो (एसीबी) ने शुक्रवार को बताया कि,भ्रष्टाचार के मामले में आवास योजना घोटाले के आरोपी कियोस्क संचालक को गिरफ्तार किया है। वहीं एक अन्य मामले में शिक्षा विभाग में रिश्वतखोरी के मामले में खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) को पकड़ा गया है।
कोरबा जिले में गरीबों के लिए चलाई गई आवास योजना में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। जांच एजेंसियों ने कियोस्क संचालक गौरव शुक्ला (47) को गिरफ्तार किया है, जिस पर हितग्राहियों के खातों से लाखों रुपये निकालने का आरोप है।
प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ कि वर्ष 2010-11 में जारी आवास योजना की राशि वाले कई निष्क्रिय खातों को बाद में सक्रिय कर उनमें हेरफेर किया गया। आरोपी ने तकनीकी खामियों और बैंकिंग सिस्टम का दुरुपयोग करते हुए करीब 79 लाख रुपये अपने खातों में स्थानांतरित कर दिये।
बताया गया कि आरोपी ने आधार सीडिंग में गड़बड़ी कर हितग्राहियों की जगह अपने और परिजनों के आधार नंबर लिंक किए और एईपीएस के माध्यम से बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण कर रकम निकालता रहा। इस पूरे मामले में बैंकिंग सॉफ्टवेयर की खामियों का भी फायदा उठाया गया।
जांच एजेंसियों ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर पुलिस हिरासत पर लिया है और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
दूसरी कार्रवाई सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में सामने आई, जहां एसीबी ने शिक्षा विभाग में खंड शिक्षा अधिकारी नरेंद्र जांगड़े को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। उनके सहयोगी संकुल समन्वयक संजय चौहान को भी हिरासत में लिया गया है।
शिकायत के अनुसार, दो शिक्षकों का मार्च माह का वेतन जारी करने के एवज में पांच-पांच हजार रुपये की मांग की गई थी। शिकायत सत्यापन के बाद एसीबी ने जाल बिछाया और जैसे ही आरोपी ने रिश्वत की रकम ली, टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया।
एसीबी अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
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