रायपुर , मई 27 -- छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी और लू का असर लगातार बना हुआ है। राज्य के खैरागढ़ जिले के दल्लीखोली-लछना जंगल में मोर, मोरनी, एशियन पाम सिवेट समेत 15 से 20 वन्यजीव और पक्षी मृत पाए गए हैं। वहीं कांकेर जिले के सरोना गांव में लू के कारण करीब 500 चमगादड़ों की मौत की जानकारी सामने आई है। इससे पहले कोरबा जिले के पाली क्षेत्र में भी लगभग 200 चमगादड़ मृत मिले थे।

बुधवार दोपहर राजधानी रायपुर में मौसम ने अचानक करवट ली और तेज आंधी चली, जिससे देवपुरी इलाके में बिजली का पोल गिर गया तो वहीं रजबंधा मैदान के सामने एक विशाल वृक्ष भी गिर गया।

मौसम विभाग ने अगले दो से तीन दिनों तक मध्य छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में लू जैसे हालात बने रहने की चेतावनी जारी की है।

खैरागढ़ वन मंडल के प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) पंकज राजपूत ने आशंका जताई है कि भीषण गर्मी और लू के चलते इन वन्यजीवों की मौत हुई है। उन्होंने बताया कि सभी मृत वन्यजीवों का पोस्टमार्टम कराया गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा। हालांकि शुरुआती स्तर पर जलस्रोत में किसी जहरीले पदार्थ के मिलने की आशंका से भी इनकार नहीं किया गया है।

जानकारी के अनुसार, वन्यजीव एवं प्रकृति प्रेमी मुकेश वर्मा रविवार दोपहर बर्ड वॉचिंग और नेचर फोटोग्राफी के लिए दल्लीखोली जंगल पहुंचे थे। इसी दौरान उन्हें सबसे पहले एक ग्रेटर रैकेट-टेल्ड ड्रोंगो मृत अवस्था में मिला। आसपास तलाश करने पर जलस्रोत के समीप कई अन्य पक्षियों और जंगली जीवों के शव पड़े दिखाई दिए। इसके बाद उन्होंने घटनास्थल का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, जो तेजी से वायरल हो गया।

मृत पाए गए वन्यजीवों में एक नर मोर, दो मोरनी, तीन एशियन पाम सिवेट (कबरबिज्जू), एक ग्रेटर रैकेट-टेल्ड ड्रोंगो, एक रुफस ट्रीपाई, एक ओरिएंटल मैगपाई रॉबिन, एक जंगल आउलेट समेत अन्य पक्षी शामिल हैं। एक ही स्थान पर बड़ी संख्या में वन्यजीवों की मौत के बाद वन विभाग सतर्क हो गया है।

मौसम विभाग के अनुसार, बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश में मौसम मुख्यतः शुष्क रहा। राजनांदगांव में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 45.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। रायपुर में बुधवार को अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाने की संभावना जताई गई है तथा शहर में लू चलने के आसार हैं।

विभाग ने कहा है कि अगले तीन दिनों तक मध्य छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों में लू जारी रह सकती है। लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने तथा पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी गई है।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक दक्षिण बिहार और आसपास के क्षेत्र में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। दक्षिण बिहार से उत्तर आंध्र प्रदेश तट तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है, जबकि पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर भी ऊपरी हवा का चक्रवाती सिस्टम सक्रिय है। इन मौसमी परिस्थितियों के प्रभाव से 29 मई से प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश, आंधी और बिजली गिरने का अनुमान है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। हालांकि तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना फिलहाल नहीं जताई गई है।

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