रायपुर , नवंबर 01 -- छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल टैक्स वसूली की व्यवस्था में बड़ा तकनीकी बदलाव होने जा रहा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) प्रदेश में पहली बार मल्टीलेन फ्री फ्लो सिस्टम लागू करने की तैयारी में है। इसकी शुरुआत बिलासपुर-पथरापाली एनएच-130 पर स्थित लिम्हा टोल प्लाजा से की जाएगी। नई तकनीक के लागू होने के बाद वाहन चालकों को टोल शुल्क जमा करने के लिए रुकना नहीं पड़ेगा और चलते वाहनों से ही फास्टैग के माध्यम से निर्धारित राशि की कटौती हो जाएगी।
एनएचएआई की प्रस्तावित व्यवस्था के तहत दिल्ली-मेरठ और दिल्ली-आगरा एक्सप्रेसवे की तर्ज पर लिम्हा टोल प्लाजा को आधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा। यहां हाई रिजॉल्यूशन कैमरे, ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर), फास्टैग रीडर और डिटेक्शन सिस्टम स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (एटीएमएस) के जरिए वाहनों की आवाजाही की निगरानी की जाएगी।
इस प्रणाली में वाहन सामान्य रफ्तार से टोल क्षेत्र पार कर सकेंगे। कैमरे और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण वाहनों की पहचान कर संबंधित फास्टैग खाते से शुल्क काटेंगे। इससे टोल प्लाजा पर वाहनों की लंबी कतारों, बैरियर खुलने के इंतजार और बार-बार ब्रेक लगाने की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही यात्रा में लगने वाले समय और ईंधन की खपत में भी कमी आएगी।
नई व्यवस्था में बिना फास्टैग वाले वाहनों के लिए भी शुल्क वसूली का प्रावधान किया गया है। ऐसे वाहनों की पहचान नंबर प्लेट के माध्यम से की जाएगी और सामान्य फास्टैग शुल्क के बराबर राशि का चालान जारी होगा। ई-नोटिस जारी होने के 72 घंटे के भीतर भुगतान नहीं करने पर वाहन मालिक को दोगुना शुल्क चुकाना पड़ेगा। वहीं, टोल शुल्क से छूट प्राप्त वीवीआईपी वाहनों के लिए एक्जम्पटेड फास्टैग की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
एनएचएआई ने मार्च 2027 तक लिम्हा टोल प्लाजा से बैरियर हटाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। यहां मल्टीलेन फ्री फ्लो सिस्टम का प्रयोग सफल रहने पर इसे छत्तीसगढ़ के अन्य टोल प्लाजा पर भी लागू किया जा सकता है। प्रदेश में वर्तमान में करीब 26 टोल प्लाजा हैं। प्राधिकरण भविष्य की नई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में भी इस तकनीक को प्राथमिकता देने की योजना पर काम कर रहा है।
इंडियन हाईवेज मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (आईएचएमसीएल) की सितंबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, लिम्हा टोल प्लाजा पर एक महीने में 2,50,500 फास्टैग लेनदेन दर्ज किए गए, जिनसे कुल 6,81,85,000 रुपए का संग्रह हुआ। इस प्रकार यहां प्रतिदिन औसतन 8,350 लेनदेन के माध्यम से करीब 22.7 लाख रुपए की टोल वसूली हुई। वाहनों की इस आवाजाही को देखते हुए लिम्हा टोल प्लाजा को नई प्रणाली की शुरुआत के लिए चुना गया है।
इस बीच टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले स्थानीय वाहन मालिकों को भी रियायती पास की सुविधा देने की व्यवस्था की गई है। एक नवंबर से टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में निवास करने वाले पात्र निजी वाहन मालिकों को सालाना पास उपलब्ध कराया जाएगा। नगरीय निकाय सीमा के अंतर्गत स्थित टोल प्लाजा पर इसकी दर 3,000 रुपए और नगरीय निकाय सीमा से बाहर स्थित टोल प्लाजा पर 1,500 रुपए निर्धारित की गई है। इस सुविधा का लाभ वैध फास्टैग वाले पात्र गैर-वाणिज्यिक निजी वाहन मालिकों को मिलेगा।
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