रायपुर , सितंबर 19 -- छत्तीसगढ़ में कुछ दिनों से कमजोर पड़ी मानसूनी गतिविधियां एक बार फिर तेज होने के संकेत हैं। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। कुछ क्षेत्रों में हवा की गति 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
राजधानी रायपुर में शुक्रवार देर रात करीब एक सप्ताह बाद तेज बारिश दर्ज की गई। शहर के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ीं। मौसम में आए इस बदलाव के बीच गौरेला और अमरकंटक क्षेत्र में भी बारिश और कोहरे का असर दिखाई दिया है।
गौरेला में शनिवार सुबह से घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई। वहीं अमरकंटक में बारिश के बाद मौसम ठंडा और सुहावना हो गया। गौरेला-अमरकंटक मार्ग पर कम दृश्यता के कारण वाहन चालक दिन में भी वाहनों की लाइट जलाकर धीमी गति से आवागमन करते नजर आए।
मौसम विभाग के अनुसार सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, राजनांदगांव, रायपुर, बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम और मुंगेली समेत कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इन इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
विभाग के एक अन्य अलर्ट में रायपुर के साथ सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर को शामिल किया गया है। इन जिलों में हल्की गरज-चमक और बारिश के साथ बिजली गिरने तथा 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अचानक तेज हवा चलने की संभावना जताई गई है।
मौसम में बदलाव और आकाशीय बिजली की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से खुले स्थानों तथा पेड़ों और कमजोर संरचनाओं के आसपास रहने से बचने को कहा गया है।
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