रायपुर , अप्रैल 18 -- छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत निलंबित भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी समीर विश्नोई से जुड़े आय से अधिक संपत्ति मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो/आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (एसीबी/ईओडब्ल्यू) ने समीर विश्नोई और उनकी पत्नी प्रीति विश्नोई के नाम पर दर्ज लगभग 15 से 20 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्तियों को अटैच किया है।

जांच एजेंसियों के अनुसार, इन संपत्तियों की खरीद अवैध कमाई से की गई थी। इसके लिए प्रीति विश्नोई के नाम से तीन से चार फर्म भी बनाई गई थीं, जिनके माध्यम से निवेश और संपत्ति अर्जन का नेटवर्क संचालित किया गया।

कार्रवाई के दौरान महासमुंद जिले में करीब 22 एकड़ भूमि, नया रायपुर क्षेत्र की कीमती जमीन और गायत्री नगर स्थित आवास सहित कई अचल संपत्तियों को जब्त किया गया है। इसके अलावा रिश्तेदारों और परिचितों के नाम पर किए गए निवेश के जरिए खरीदी गई संपत्तियां भी जांच के दायरे में लाकर अटैच की गई हैं।

एसीबी/ईओडब्ल्यू की विशेष अदालत से अनुमति मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने बताया कि आय से अधिक संपत्ति की जांच के दौरान यह सामने आया कि शासकीय पद का दुरुपयोग कर बड़े पैमाने पर अवैध संपत्ति अर्जित की गई थी।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी निलंबित अधिकारियों रानू साहू और सौम्या चौरसिया से जुड़े मामलों में इसी तरह की संपत्ति अटैचमेंट की कार्रवाई हो चुकी है। जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि पूर्ववर्ती सरकार के दौरान सामने आए बहुचर्चित कोयला घोटाले में सिस्टम में बदलाव कर एक संगठित नेटवर्क के जरिए इस तरह की गतिविधियों को अंजाम दिया गया, जिसमें समीर विश्नोई की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

हाल ही में एसीबी/ईओडब्ल्यू ने सभी संपत्तियों का विस्तृत विवरण विशेष न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत किया था, जिसके बाद अदालत के आदेश पर करोड़ों रुपये की इन संपत्तियों को अटैच करने की प्रक्रिया पूरी की गई।

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