रायपुर , अक्टूबर 28 -- छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए तस्करी के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि कार्रवाई केवल छोटे विक्रेताओं और मादक पदार्थों के परिवहन में शामिल लोगों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उत्पादन से लेकर आपूर्ति और बिक्री तक की पूरी श्रृंखला की जांच कर बड़े तस्करों, संगठित गिरोहों और उनके वित्तीय सहयोगियों के खिलाफ प्रभावी कदम उठाए जाएं।

श्री शर्मा ने बुधवार को नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में मादक पदार्थों की रोकथाम एवं नियंत्रण को लेकर आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने सभी जिलों में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेज (एनडीपीएस) एक्ट के तहत दर्ज मामलों, मादक पदार्थों की जब्ती, आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई, अवैध संपत्ति की कुर्की, वाहनों के राजसातीकरण और जब्त मादक पदार्थों के नष्टीकरण की समीक्षा की।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए इसके आर्थिक और आपराधिक नेटवर्क को समाप्त करना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांजा सहित अन्य मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े प्रत्येक प्रकरण की विस्तृत जांच की जाए। इसमें मादक पदार्थों के स्रोत, परिवहन मार्ग, आपूर्ति करने वालों, स्थानीय विक्रेताओं और कारोबार का संचालन करने वाले प्रमुख व्यक्तियों की पहचान सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर एनडीपीएस एक्ट और सफेमा के प्रावधानों के तहत कुर्की एवं जब्ती की कार्रवाई तेज करने को कहा। इसके साथ ही अवैध वित्तीय लेन-देन की जांच के लिए विशेष समिति गठित करने के निर्देश दिए। इस समिति में चार्टर्ड अकाउंटेंट सहित वित्तीय और विधिक विशेषज्ञों को शामिल किया जाएगा।

श्री शर्मा ने प्रदेश में नशीली दवाओं और सूखे नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ विशेष अभियान चलाने पर भी जोर दिया। उन्होंने ड्रग इंस्पेक्टरों के समन्वय से मेडिकल स्टोरों की नियमित जांच करने तथा स्कूलों, कॉलेजों और युवाओं की अधिक आवाजाही वाले क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए। अवैध रूप से नशीले कैप्सूल, प्रतिबंधित दवाओं और नशे के लिए इस्तेमाल होने वाली सिरिंज एवं नीडल बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा।

बैठक में मादक पदार्थों की तस्करी में इस्तेमाल वाहनों के राजसातीकरण और नीलामी की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश भी दिए गए। उप मुख्यमंत्री ने आगामी तीन माह में अधिक से अधिक पात्र प्रकरणों में नियमानुसार राजसातीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा संबंधित मामलों को विशेष न्यायालयों में प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने को कहा।

उन्होंने निर्देश दिए कि 30 जून 2026 तक जब्त किए गए ऐसे सभी मादक पदार्थों का 31 दिसंबर 2026 तक विधिसम्मत नष्टीकरण सुनिश्चित किया जाए, जिनके निस्तारण की आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसके लिए जिलों में विशेष अभियान चलाकर लंबित न्यायालयीन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा करने को कहा गया।

उप मुख्यमंत्री ने एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों की गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध जांच के साथ प्रभावी अभियोजन पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने वाले प्रकरणों में साक्ष्यों और आवश्यक दस्तावेजों की पूर्णता सुनिश्चित की जाए। साथ ही एनडीपीएस मामलों की सुनवाई के लिए विशेष न्यायालयों की स्थापना की दिशा में प्रयास करने के निर्देश दिए।

श्री शर्मा ने नशे के खिलाफ अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने की आवश्यकता बताते हुए युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने राष्ट्रीय मादक पदार्थ निषेध हेल्पलाइन 'मानस' के टोल फ्री नंबर 1933 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान समाज और देश की सेवा के साथ आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने का संकल्प है। इसके लिए पुलिस, प्रशासन और आम नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।

बैठक में सचिव नेहा चंपावत, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (गुप्तवार्ता) अमित कुमार, पुलिस महानिरीक्षक अंकित गर्ग सहित विभिन्न जिलों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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