कांकेर , फरवरी 25 -- छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत भारतीय मार्क्सवादी पार्टी (माओवादी) की उत्तर बस्तर डिवीजन समिति के डीवीसीएम (डिवीजनल समिति सदस्य) मल्लेश और पार्टी सदस्य रानू पोडियाम ने हिंसा का मार्ग त्यागकर मुख्यधारा में शामिल होने का फैसला किया है। दोनों माओवादी कैडरों ने कांकेर पुलिस और बीएसएफ के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है।

पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने बुधवार को बताया कि इन माओवादियों ने हाल ही में सुरक्षा बलों से संपर्क कर आत्मसमर्पण और पुनर्वास की इच्छा जताई थी। अधिकारियों के अनुसार, मल्लेश और रानू पोडियाम ने यह कदम सरकार की पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर उठाया है। उनके आत्मसमर्पण से इलाके में माओवादी गतिविधियों को बड़ा झटका लगा है।

सूत्रों के मुताबिक, दोनों माओवादियों ने अधिकारियों को जानकारी दी है कि वे अभी भी क्षेत्र में सक्रिय अन्य माओवादी कैडरों से संपर्क कर उन्हें भी मुख्यधारा में शामिल होने के लिए प्रेरित करने का प्रयास कर रहे हैं। फिलहाल, दोनों के औपचारिक पुनर्वास और हथियारों की सुपुर्दगी की प्रक्रिया पूरी होनी बाकी है। इनकी औपचारिक तौर पर आत्मसमर्पण की कार्रवाई जल्द ही की जाएगी।

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