रायपुर , जुलाई 21 -- छत्तीसगढ़ सरकार ने महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े तथा उप मुख्यमंत्री अरुण साव की निजी स्थापना में प्रशासनिक बदलाव करते हुए नए अधिकारियों की पदस्थापना की है। सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने इस संबंध में अलग-अलग आदेश जारी किए हैं। इनमें एक नियुक्ति को विशेष प्रकरण मानते हुए पात्रता संबंधी शर्तों में छूट दिए जाने से यह निर्णय प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।

जीएडी के आदेश के अनुसार, महिला एवं बाल विकास विभाग में संयुक्त संचालक तथा वर्तमान में बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सचिव के रूप में कार्यरत प्रतीक खरे की सेवाएं मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की निजी स्थापना के लिए ली गई हैं। उन्हें अस्थायी रूप से विशेष सहायक के पद पर पदस्थ किया गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, मंत्री कार्यालय के कार्यों में समन्वय और दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से यह व्यवस्था की गई है।

प्रतीक खरे की नियुक्ति वाला आदेश इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें पात्रता संबंधी निर्धारित शर्तों को शिथिल करते हुए इसे विशेष प्रकरण के रूप में स्वीकृति प्रदान की गई है। सामान्यतः निजी स्थापना में नियुक्तियां निर्धारित प्रक्रिया के तहत की जाती हैं, लेकिन इस मामले में विशेष अनुमति दिए जाने के कारण प्रशासनिक स्तर पर इसकी व्यापक चर्चा है।

इसी क्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव की निजी स्थापना में भी बदलाव किया गया है। जल संसाधन विभाग में पदस्थ सहायक अनुभाग अधिकारी भूपेन्द्र सिंह ध्रुव को उनकी निजी स्थापना में सहायक ग्रेड-3 के पद के विरुद्ध अस्थायी रूप से पदस्थ किया गया है।

उल्लेखनीय है कि उप मुख्यमंत्री अरुण साव के पास लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा खेल एवं युवा कल्याण विभागों का दायित्व है। ऐसे में उनकी निजी स्थापना में किया गया यह परिवर्तन प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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