बिलासपुर , अक्टूबर 14 -- छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने तकनीकी खराबियों से जुड़े एक मामले में टाटा मोटर्स की अपील खारिज करते हुए उपभोक्ता को वाहन की पूरी कीमत वापस करने संबंधी जिला उपभोक्ता आयोग के आदेश को बरकरार रखा है। कंपनी को कार की कीमत 16 लाख 25 हजार 604 रुपये लौटाने के साथ मानसिक क्षतिपूर्ति और वाद व्यय का भी भुगतान करना होगा।

आयोग से बुधवार को प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिलासपुर निवासी डा. स्वप्न कुमार दत्ता ने जेडी आटोनेशन से टाटा पंच ईवी (इम्पावर्ड प्लस एस एलआर एसीएफसी) खरीदी थी। वाहन की खरीद पर उन्होंने कुल 16,25,604 रुपये खर्च किए थे। हालांकि, खरीद के कुछ समय बाद ही कार में लगातार तकनीकी समस्याएं सामने आने लगीं।

शिकायत के अनुसार, वाहन का वातानुकूलन तंत्र ठीक से काम नहीं कर रहा था। कार में बार-बार तकनीकी खराबियां आने के कारण उपभोक्ता को परेशानी का सामना करना पड़ा। सर्विसिंग कराए जाने के बावजूद समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो सका।

इसके बाद डा. स्वप्न कुमार दत्ता ने जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत प्रस्तुत की। मामले की सुनवाई के बाद जिला आयोग ने उपभोक्ता के पक्ष में निर्णय देते हुए टाटा मोटर्स को वाहन की पूरी कीमत 16 लाख 25 हजार 604 रुपये वापस करने का आदेश दिया। इसके अतिरिक्त मानसिक क्षतिपूर्ति और वाद व्यय देने के भी निर्देश दिए गए।

जिला आयोग के फैसले को चुनौती देते हुए कंपनी ने छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में अपील दायर की थी। राज्य आयोग ने मामले पर विचार करने के बाद कंपनी की अपील खारिज कर दी और जिला आयोग के आदेश को यथावत रखा।

इस निर्णय के बाद टाटा मोटर्स पर उपभोक्ता को वाहन की निर्धारित कीमत लौटाने तथा जिला आयोग के आदेशानुसार अन्य देय राशि का भुगतान करने की जिम्मेदारी बरकरार रहेगी।

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