रायपुर , जून 16 -- छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई विद्युत दरों की घोषणा कर दी है। आयोग द्वारा अनुमोदित नयी दरें आगामी एक जुलाई से पूरे प्रदेश में प्रभावी होंगी। संशोधित टैरिफ के तहत घरेलू, वाणिज्यिक तथा कृषि श्रेणी के उपभोक्ताओं को बिजली के लिए पहले की तुलना में अधिक भुगतान करना होगा।

आयोग द्वारा मंगलवार को जारी आदेश के अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली शुल्क में 30 पैसे से 50 पैसे प्रति यूनिट तक वृद्धि की गई है। वहीं वाणिज्यिक (कॉमर्शियल) श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए 20 पैसे से 40 पैसे प्रति यूनिट तक दरें बढ़ाई गई हैं। कृषि पंपों की बिजली दरों में भी 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि स्वीकृत की गई है।

आयोग ने गैर-सब्सिडी वाले कृषि पंप कनेक्शनों को राहत देते हुए ऊर्जा प्रभार पर मिलने वाली छूट 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दी है। इसके अतिरिक्त हाई वोल्टेज ईवी चार्जिंग स्टेशनों के लिए टैरिफ 6.42 रुपए प्रति केवीएएच निर्धारित किया गया है।

विद्युत वितरण कंपनी द्वारा प्रस्तावित लगभग 24 प्रतिशत टैरिफ वृद्धि को आयोग ने स्वीकार नहीं किया। इसके स्थान पर औसतन 6.23 प्रतिशत वृद्धि को मंजूरी दी गई है।

आयोग के अनुसार वर्तमान में बिजली वितरण कंपनी को एक यूनिट बिजली उपभोक्ताओं तक पहुंचाने में औसतन 7.13 रुपए का व्यय हो रहा है, जबकि मौजूदा दरों के आधार पर उसे प्रति यूनिट केवल 6.71 रुपए की आय प्राप्त हो रही है।

छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के सचिव सूर्य प्रकाश शुक्ला ने कहा, "पूरे टैरिफ में देखे तो 40 से 42 पैसे औसतन वृद्धि की गई है लेकिन सभी श्रेणियों में एक समान बढ़ोतरी नहीं हुई है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए निचले स्लैब में 30 पैसे प्रति यूनिट और ऊपरी स्लैब में 50 पैसे प्रति यूनिट तक बढ़ोतरी की गई है।"उन्होंने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में उपभोक्ता बिजली बिल हाफ योजना का लाभ उठा रहे हैं। "जिन उपभोक्ताओं की मासिक खपत 400 यूनिट तक है, उन्हें 200 यूनिट तक बिजली बिल में छूट मिलती है। राज्य के लगभग 70 से 75 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ता इसी श्रेणी में आते हैं, इसलिए नई दरों का असर उन पर सीमित रहेगा।"नई विद्युत दरें एक जुलाई 2026 से लागू होने के साथ ही प्रदेशभर के उपभोक्ताओं पर प्रभावी होंगी।

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