रायपुर , मई 21 -- छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं बोर्ड परीक्षा के हिंदी प्रश्न पत्र लीक मामले में कोतवाली पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
यह सूचना पुलिस ने आज दी। गिरफ्तार आरोपियों में बेमेतरा जिले के एक स्कूल में पदस्थ पीटीआई शिक्षक भी शामिल है। इससे पहले मामले में एनएसयूआई नेता वेणु कुमार जंघेल की गिरफ्तारी हो चुकी है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बेमेतरा निवासी जवाहर लाल कुर्रे और विकास सेन के रूप में हुई है। आरोपी जवाहर लाल कुर्रे ग्राम बोरतरा स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल में पीटीआई शिक्षक के पद पर पदस्थ है। आरोप है कि उसने हाथ से लिखकर तैयार किया गया हिंदी प्रश्न पत्र तीन हजार रुपये में कांग्रेस नेता वेणु कुमार जंघेल को उपलब्ध कराया था।
कोतवाली पुलिस के मुताबिक माध्यमिक शिक्षा मंडल के अधिकारियों की शिकायत पर गत 17 मार्च को 12वीं बोर्ड परीक्षा के हिंदी प्रश्न पत्र लीक होने का मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने पेपर लीक के मास्टरमाइंड एनएसयूआई नेता वेणु कुमार जंघेल को परीक्षा परिणाम जारी होने से पहले गिरफ्तार किया था।
पूछताछ में वेणु कुमार जंघेल ने खुलासा किया कि प्रश्न पत्र उसे जवाहर लाल कुर्रे ने उपलब्ध कराया था। पुलिस ने बताया कि लीक हुआ प्रश्न पत्र हाथ से लिखा हुआ था और पेपर लेने के दौरान विकास सेन भी मौजूद था। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
जांच में यह भी सामने आया है कि 13 मार्च की रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर 12वीं बोर्ड हिंदी परीक्षा का प्रश्न पत्र वायरल हुआ था। वायरल मैसेज में "12वी बोर्ड हिंदी पेपर" और "सीजी बोर्ड 2026 रियल क्वेश्चन पेपर" लिखा हुआ था। प्रश्न पत्र की तस्वीर में दो पन्नों पर 15 सवाल लिखे हुए थे। बताया गया कि यह प्रश्न पत्र परीक्षा शुरू होने से करीब 10 घंटे पहले सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ था और कुछ ही समय में हजारों छात्रों तक पहुंच गया।
मामले की जांच अब बेमेतरा जिले के परीक्षा केंद्र प्रभारी और परीक्षा नियंत्रक तक पहुंच गई है। शुरुआती जांच में लापरवाही और संभावित मिलीभगत की आशंका के बाद उनकी भूमिका भी जांच के दायरे में लाई गई है।
सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली दीपक मिश्रा ने बताया कि पेपर लीक मामले में जांच जारी है और आने वाले दिनों में कुछ और लोगों से पूछताछ की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस मामले में आरोपियों की संख्या बढ़ सकती है तथा पूरे नेटवर्क और पेपर लीक की प्रक्रिया की गहन जांच की जा रही है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित