रायपुर , मई 12 -- छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल प्रदेश में औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने की दिशा में प्रभावी और सक्रिय भूमिका निभा रहा है। मंडल द्वारा विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण, वैज्ञानिक परीक्षण और सतत निगरानी के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पर्यावरणीय मानकों का कड़ाई से पालन हो।
मंडल की सतर्कता के परिणामस्वरूप जांजगीर-चांपा सहित राज्य के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में फ्लाई ऐश (राखड़) का प्रबंधन निर्धारित वैज्ञानिक दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जा रहा है। हाल ही में विभागीय अधिकारियों ने ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों की उपस्थिति में संबंधित स्थलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान राखड़ के परिवहन, भंडारण और निस्तारण की प्रक्रियाएं सुव्यवस्थित एवं मानकों के अनुरूप पाई गईं।
छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने अपनी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जनसहभागिता को विशेष महत्व दिया है। निरीक्षण के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि राखड़ परिवहन में सुरक्षा मानकों का पालन हो तथा धूल या अन्य कणों का अनियंत्रित प्रसार न हो। वैज्ञानिक डंपिंग तकनीकों के उपयोग से आसपास के जल स्रोतों और कृषि भूमि की गुणवत्ता सुरक्षित बनी हुई है। स्थानीय निकायों और ग्रामीणों के साथ सतत संवाद के माध्यम से मंडल विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित कर रहा है।
मंडल आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए उद्योगों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग कर रहा है। इस सतत निगरानी व्यवस्था से न केवल पर्यावरणीय अनुपालन को मजबूती मिली है, बल्कि आम नागरिकों में स्वास्थ्य और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति विश्वास भी बढ़ा है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित