रायपुर , मार्च 12 -- छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार पर प्रदेश को "नशागढ़" बनाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस पार्टी ने आज गुरुवार को प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया।
पार्टी के आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल से मिली जानकारी के अनुसार, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गरियाबंद, धमतरी, बीजापुर, कोंडागांव, भिलाई रायगढ़ और राजनांदगांव में स्थित भाजपा के जिला कार्यालयों का घेराव किया। यह आंदोलन प्रदेश में बढ़ती अवैध शराब, गांजा और हाल ही में सामने आई अफीम की खेती के मामलों में सत्ता से जुड़े लोगों के नाम सामने आने के विरोध में किया गया।
कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश की भाजपा सरकार के कार्यकाल में सुनियोजित तरीके से माफिया को बढ़ावा दिया जा रहा है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कहा कि "डबल इंजन" की सरकार न केवल अवैध कारोबारियों को संरक्षण दे रही है, बल्कि युवाओं को नशे की दलदल में धकेलने का काम कर रही है। उनका कहना था कि जंगलों में अवैध रूप से अफीम की खेती और शहरों में खुलेआम अवैध शराब का कारोबार सिर्फ इसलिए संभव है क्योंकि इसमें सत्ता के दलाल शामिल हैं।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उनकी पार्टी इस काले कारोबार और सत्ता के संरक्षण के खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने इन आंदोलनों के साथ ही एक और महत्वपूर्ण मुद्दे को उठाया है। श्री बैज ने एक साक्षात्कार में इंद्रावती नदी के पानी पर छत्तीसगढ़ के अधिकार को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इंद्रावती नदी के पचास प्रतिशत पानी पर छत्तीसगढ़ का हक होना चाहिए। गौरतलब है कि इंद्रावती नदी के जल बंटवारे को लेकर छत्तीसगढ़ और पड़ोसी राज्य ओडिशा के बीच लंबे समय से मतभेद चला आ रहा है। यह मुद्दा क्षेत्र के लिए अत्यंत संवेदनशील है, क्योंकि इस नदी पर एशिया के सबसे विशाल जल प्रपातों में से एक चित्रकोट जल प्रपात निर्भर है।
पर्यावरणविदों ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि यदि इंद्रावती के जल का उद्योगों के लिए अंधाधुंध दोहन किया गया, तो इसका सीधा असर चित्रकोट प्रपात के अस्तित्व पर पड़ेगा। स्थानीय उद्योगपतियों की भी इस नदी के पानी पर नजर बनी हुई है, जिससे पर्यावरणीय खतरा और बढ़ गया है। कांग्रेस ने इस मौके पर सरकार से मांग की है कि वह इंद्रावती नदी के जल को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बातचीत करे और राज्य के हितों के साथ-साथ चित्रकोट जैसी प्राकृतिक धरोहर को सुरक्षित रखने के लिए ठोस नीति बनाए।
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