रायपुर , अक्टूबर 15 -- छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के अभनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम तर्रा के शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय में प्रदेश का पहला सौर ऊर्जा संचालित बालिका शौचालय बनाया गया है। लगभग सात लाख रुपये की लागत से निर्मित इस शौचालय में सौर ऊर्जा से प्रकाश व्यवस्था के साथ दिव्यांग छात्राओं के लिए भी विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

विभाग से गुरुवार को मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन ग्रामीण (वीबी-जी रामजी) के अंतर्गत संचालित 'मेरी बेटी-मेरा अभिमान' अभियान के तहत इस शौचालय का निर्माण किया गया है। इससे विद्यालय की 70 छात्राओं और दो महिला शिक्षिकाओं को सुविधा मिलेगी।

शौचालय निर्माण के लिए वीबी-जी रामजी योजना से पांच लाख रुपये तथा कलेक्टर गौरव सिंह की पहल पर गौण खनिज विकास मद से दो लाख रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। भवन की छत पर सौर पैनल लगाए गए हैं, जिनसे प्रकाश व्यवस्था संचालित होगी। पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए नल और पानी की टंकी स्थापित की गई है। इसके अतिरिक्त सेनेटरी पैड निस्तारण यंत्र की व्यवस्था भी की गई है।

दिव्यांग छात्राओं की सुविधा के लिए अलग शौचालय, रैंप और सहारे के लिए रेलिंग बनाई गई है। परिसर में पेवर ब्लॉक लगाने के साथ पौधरोपण और साफ-सफाई की व्यवस्था भी की गई है।

जानकारी के मुताबिक, विद्यालय में पहले से निर्मित शौचालय जर्जर हो चुका था। इसके कारण छात्राओं को शौचालय के उपयोग के लिए कई बार घर जाना पड़ता था, जबकि महिला शिक्षिकाओं को पंचायत भवन की सुविधा का सहारा लेना पड़ता था। नए शौचालय के निर्माण से छात्राओं और शिक्षिकाओं को इन समस्याओं से राहत मिली है।

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