महासमुंद , अक्टूबर 10 -- छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में डिजिटल फसल सर्वेक्षण और राजस्व संबंधी कार्यों में अनियमितता एवं लापरवाही बरतने के मामलों में पांच पटवारियों को निलंबित कर दिया गया है।

शनिवार को मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, कलेक्टर विनय कुमार लंगेह द्वारा राजस्व कार्यों की समीक्षा के बाद संबंधित अनुविभागीय अधिकारियों (राजस्व) ने यह कार्रवाई की है। निलंबित पटवारियों में बसना, सरायपाली, महासमुंद और बागबाहरा क्षेत्र के कर्मचारी शामिल हैं।

बसना में पदस्थ पटवारी उदय प्रकाश राजपूत को डिजिटल फसल सर्वेक्षण कार्य में लापरवाही बरतने के कारण निलंबित किया गया है। वहीं, सरायपाली के पटवारी जितेंद्र सिंह बाघ पर शासकीय भूमि को दूसरे कृषक के नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज करने का आरोप है।

इसी प्रकार महासमुंद के पटवारी हरीश चंद्राकर के विरुद्ध खसरे की वास्तविक स्थिति छिपाकर दोबारा नामांतरण करने के आरोप में कार्रवाई की गई है। बागबाहरा क्षेत्र की पटवारी कंचन साहू और लुकेश यादव को डिजिटल फसल सर्वेक्षण के दौरान निर्धारित भौतिक सत्यापन नहीं करने के कारण निलंबित किया गया है।

प्रशासन के अनुसार, संबंधित पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन उनके जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए। इसके बाद कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही और अनियमितताओं के आधार पर निलंबन आदेश जारी किए गए।

निलंबन अवधि के दौरान सभी संबंधित पटवारियों का मुख्यालय निर्धारित तहसील कार्यालयों में रखा गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।

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