रायपुर, मई 14 -- छत्तीसगढ़ में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति प्रभावित होने से राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में ईंधन संकट गहराने लगा है। स्थिति यह है कि अनेक पेट्रोल पंपों का स्टॉक समाप्त हो चुका है, जबकि जहां सीमित मात्रा में ईंधन उपलब्ध है वहां वाहन चालकों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। कई स्थानों पर निर्धारित सीमा में ही पेट्रोल और डीजल दिया जा रहा है।
जिले के करीब 13 पेट्रोल पंपों में पेट्रोल और डीजल का स्टॉक खत्म होने की जानकारी सामने आई है। कई पंपों पर ''नो पेट्रोल'' और ''नो डीजल'' के बोर्ड लगाए गए हैं। शेष पंपों में सुबह से ही वाहनों की लंबी लाइनें लगी रहीं। ईंधन संकट का असर आम नागरिकों के साथ परिवहन सेवाओं, निजी संस्थानों तथा सरकारी विभागों पर भी दिखाई देने लगा है।
दक्षिण बस्तर के दंतेवाड़ा जिले में भी डीजल की भारी कमी दर्ज की गई है। अधिकांश पेट्रोल पंपों में डीजल समाप्त होने से परिवहन कारोबार प्रभावित हो रहा है। मालवाहक वाहनों के संचालन पर असर पड़ने लगा है और परिवहन व्यवसायियों में चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो परेशानी और बढ़ सकती है।
महासमुंद शहर और आसपास संचालित आठ पेट्रोल पंपों में अधिकांश का स्टॉक खत्म हो चुका है। केवल मचेवा स्थित शंकरा फ्यूल्स में सीमित मात्रा में पेट्रोल और डीजल उपलब्ध होने से वहां वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं। जानकारी के अनुसार कई प्रमुख पेट्रोल पंप पहले ही बंद हो चुके हैं, जबकि अन्य पंपों का स्टॉक भी समाप्त हो गया है। सीमित उपलब्धता को देखते हुए दोपहिया वाहनों को दो लीटर तथा चारपहिया वाहनों को पांच लीटर तक ही ईंधन दिया जा रहा है।
प्रदेश में ईंधन आपूर्ति बाधित होने से आम जनजीवन के साथ परिवहन व्यवस्था पर भी असर पड़ने लगा है। लोग जल्द आपूर्ति बहाल होने की उम्मीद कर रहे हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित