रायपुर , अगस्त 30 -- छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक संगीत और आधुनिक सुरों के संगम को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से संस्कृति विभाग की ओर से एक से तीन सितंबर तक रायपुर में 'रंग तरंग' सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
संस्कृति विभाग के अनुसार कार्यक्रम प्रतिदिन शाम सात बजे से मुक्ताकाशी मंच, महंत घासीदास संग्रहालय परिसर, सिविल लाइंस में आयोजित होगा। इसमें छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता को पारंपरिक लोक वाद्ययंत्रों और संगीत की विभिन्न विधाओं के माध्यम से नए स्वरूप में प्रस्तुत किया जाएगा। आयोजन में प्रदेश की लोक परंपराओं से जुड़े वाद्ययंत्रों और कलाकारों की प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी। पारंपरिक वाद्यों की धुनों के साथ आधुनिक संगीत का समन्वय कर दर्शकों के सामने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को अलग अंदाज में प्रस्तुत किया जाएगा।
विभाग के मुताबिक 'रंग तरंग' के आयोजन का उद्देश्य प्रदेश की लोक परंपराओं को नयी पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ उन्हें समकालीन संगीत से जोड़कर व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाना है। तीन दिवसीय आयोजन के दौरान प्रदेश की विभिन्न लोक परंपराओं, संगीत शैलियों और वाद्य संस्कृति को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जाएगा।
आयोजन से स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलने के साथ युवाओं को प्रदेश की सांस्कृतिक जड़ों और लोक संगीत परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलेगा। संस्कृति विभाग ने कहा कि 'रंग तरंग' के माध्यम से लोक संगीत, पारंपरिक वाद्ययंत्रों और आधुनिक संगीत को एक मंच पर लाकर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और विविधता को दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।
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