नयी दिल्ली , फरवरी 23 -- छत्तीसगढ़ का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) मौजूदा वित्त वर्ष 2025-26 में 8.11 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर है।
विधानसभा में सोमवार को पेश राज्य के आर्थिक सर्वेक्षण में बताया गया है कि वित्त वर्ष 2024-25 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 3.31 लाख करोड़ रुपये रहा था जिसके 2025-26 में बढ़कर 3.58 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है। इस आधार पर वास्तविक विकास दर 8.11 रहेगी जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर है और उत्पादन क्षमता में निरंतर विस्तार का संकेत देता है।
वर्तमान मूल्य पर जीएसडीपी 2024-25 के 5.65 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 में लगभग 6.31 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है जो 11.57 प्रतिशत की वृद्धि दिखाता है।
क्षेत्रवार विश्लेषण से स्पष्ट है कि राज्य की वृद्धि व्यापक आधार पर हो रही है। चालू कीमतों पर कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र में 12.53 प्रतिशत, उद्योग क्षेत्र में 10.26 प्रतिशत तथा सेवा क्षेत्र में 13.15 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान है। यह दर्शाता है कि राज्य की विकास यात्रा संतुलित है और तीनों प्रमुख क्षेत्र वृद्धि में सक्रिय योगदान दे रहे हैं।
स्थिर कीमतों पर भी वृद्धि का रुझान सकारात्मक बना हुआ है। वर्ष 2025-26 में कृषि क्षेत्र के 7.49 प्रतिशत, उद्योग क्षेत्र के 7.21 प्रतिशत और सेवा क्षेत्र के 9.11 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है। इससे संकेत मिलता है कि राज्य में संरचनात्मक मजबूती के साथ वास्तविक आर्थिक गतिविधियों का विस्तार हो रहा है।
चालू कीमतों पर जीएसडीपी में कृषि का योगदान 20.64 प्रतिशत, उद्योग का 46.59 प्रतिशत और सेवा क्षेत्र का 32.77 प्रतिशत अनुमानित है। औद्योगिक क्षेत्र की मजबूत हिस्सेदारी राज्य के विनिर्माण और खनन आधारित आधार को रेखांकित करती है, जबकि सेवा क्षेत्र में भी निरंतर विस्तार दर्ज किया जा रहा है। प्रति व्यक्ति आय के मोर्चे पर भी सकारात्मक रुझान देखने को मिल रहा है।
आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, वर्तमान मूल्य पर प्रति व्यक्ति आय 1,62,848 रुपये से बढ़कर 2025-26 में 1,79,244 रुपये होने का अनुमान है जो 10.07 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। यह वृद्धि घरेलू मांग, उपभोग और समग्र आर्थिक गतिविधियों को समर्थन देने वाली मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आर्थिक सर्वेक्षण के निष्कर्षों पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि राज्य सरकार की नीतियां "समावेशी और संतुलित विकास" पर केंद्रित हैं। उन्होंने कहा कि कृषि सुदृढ़ीकरण, औद्योगिक निवेश आकर्षण और सेवा क्षेत्र के विस्तार पर समान जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं की श्रेणी में लाने का लक्ष्य है।
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