रायपुर , सितंबर 19 -- छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन समिति ने पार्टी से निष्कासित नेताओं की वापसी से संबंधित कुल 36 आवेदनों पर विचार किया है। समिति ने कुछ मामलों में निष्कासन समाप्त करने का निर्णय लिया, जबकि कई प्रकरणों को आगे विचार के लिए लंबित रखा गया है।
राजधानी रायपुर स्थित कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की मौजूदगी में बीती रात हुई बैठक में विधानसभा और नगरीय निकाय चुनाव के दौरान नेताओं के खिलाफ की गई अनुशासनात्मक कार्रवाइयों की भी समीक्षा की गई। इसके साथ ही कांग्रेस में दोबारा प्रवेश के लिए प्राप्त आवेदनों पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में अमित जोगी, रेणु जोगी और बृहस्पति सिंह से जुड़े प्रकरण भी चर्चा में आए। अमित जोगी के मामले में समिति ने फिलहाल कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है और उनके प्रकरण को लंबित रखा गया है।
समिति ने पार्टी अनुशासन को लेकर भी विचार-विमर्श किया। बैठक में स्पष्ट किया गया कि पार्टी के खिलाफ बयानबाजी अथवा पार्टी विरोधी गतिविधियों को अनुशासनहीनता के दायरे में माना जा सकता है। मीडिया के माध्यम से दिए गए पार्टी विरोधी बयानों पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
बैठक में वरिष्ठ कांग्रेस नेता धनेन्द्र साहू, प्रभारी सचिव एस. संपत, जरिता लैतफलांग और विजय जांगिड वर्चुअल रूप से जुड़े। प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू, धनेश पाटिला, प्रतिमा चंद्राकर, रवि घोष, जेपी श्रीवास्तव, दीपक मिश्रा और नरेश ठाकुर सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
समिति ने कुल 36 आवेदनों पर चर्चा के बाद कुछ मामलों में पूर्व में की गई कार्रवाई समाप्त करने का निर्णय लिया है, जबकि शेष प्रकरणों पर आगे विचार किया जाएगा।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित