रायपुर, 29 अप्रैल 2026 (वार्ता) छत्तीसगढ़ के 'प्रयास' आवासीय विद्यालयों ने इस वर्ष बोर्ड परीक्षाओं में निजी स्कूलों को पछाड़ते हुए सफलता का नया कीर्तिमान रचा है। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के जारी 10वीं और 12वीं के परिणामों में प्रयास विद्यालयों के 13 विद्यार्थियों ने प्रदेश की टॉप-50 मेरिट सूची में स्थान बनाकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
राज्य में संचालित कुल 17 प्रयास विद्यालयों के माध्यम से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के बच्चों सहित सभी वर्गों के विद्यार्थियों को न केवल निःशुल्क शिक्षा दी जा रही है, बल्कि उन्हें आईआईटी, नीट और जेईई जैसी राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उच्च स्तरीय कोचिंग भी उपलब्ध कराई जा रही है। इस वर्ष 12वीं बोर्ड में प्रयास के 128 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए। इनमें कोरबा की रागिनी कंवर ने 95 प्रतिशत अंकों के साथ विद्यालय में शीर्ष स्थान प्राप्त किया। विशेष रूप से, जीव विज्ञान विषय में दो छात्राओं ने शत-प्रतिशत अंक अर्जित कर विभाग का मान बढ़ाया है।
10वीं बोर्ड परीक्षा में भी प्रदर्शन ऐतिहासिक रहा, जहां कु. दीपांशी ने 98.83 प्रतिशत अंक प्राप्त कर पूरे प्रदेश में द्वितीय स्थान हासिल किया। हाईस्कूल की प्रावीण्य सूची के कुल 42 छात्र-छात्राओं में से 21 विद्यार्थी आदिम जाति विकास विभाग के एकलव्य और प्रयास विद्यालयों से हैं। अनुसूचित जाति वर्ग के प्रयास विद्यालयों के छात्रों ने भी 97.5 प्रतिशत अंकों के साथ टॉप-10 में जगह बनायी है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि को 'प्रयास' विद्यालय की अवधारणा की सार्थकता बताते हुए विद्यार्थियों और विभागीय अधिकारियों को बधाई दी है। जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक में प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने मुख्यमंत्री को इन परिणामों से अवगत कराया, जिस पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे राज्य के लिए गौरव का विषय बताया। आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए किए गए इन प्रयासों की सराहना की है।
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