गरियाबंद , जून 22 -- छत्तीसगढ़ के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व (यूएसटीआर) में एक बाघिन की मौजूदगी दर्ज होने से वन्यजीव संरक्षण प्रयासों को बड़ी सफलता मिली है। कैमरा ट्रैप में बाघिन की नियमित गतिविधियां रिकॉर्ड हुई हैं।

वन विभाग के अनुसार पिछले एक माह में विभिन्न स्थानों से प्राप्त तस्वीरों और वीडियो के विश्लेषण से पुष्टि हुई है कि क्षेत्र में एक ही बाघिन विचरण कर रही है। उसकी गतिविधियां और क्षेत्र चिह्नित करने की प्रवृत्ति से संकेत मिलता है कि वह यहां स्थायी क्षेत्र स्थापित करने का प्रयास कर रही है।

वर्ष 2009 में टाइगर रिजर्व घोषित किये गये उदंती-सीतानदी में पिछले एक दशक से बाघों की स्थायी उपस्थिति दर्ज नहीं की गयी थी। ऐसे में बाघिन का आगमन रिजर्व के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

वन विभाग ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में एंटी-पोचिंग अभियान, ड्रोन निगरानी, कृत्रिम जल स्रोतों का निर्माण, वन क्षेत्र पुनर्स्थापन और शिकार प्रजातियों की संख्या बढ़ाने जैसे कई संरक्षण कार्य किये गये हैं।

बाघिन की सुरक्षा के लिए विशेष कार्यबल गठित किया गया है तथा गश्त बढ़ायी गयी है। स्थानीय ग्रामीणों को भी निगरानी व्यवस्था से जोड़ा गया है।

वन विभाग ने कहा कि बाघिन की मौजूदगी संरक्षण प्रयासों के सकारात्मक परिणाम का संकेत है और उसे सुरक्षित रखना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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