रायपुर , अक्टूबर 10 -- छत्तीसगढ़ के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने शनिवार को सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड के हाथी प्रभावित गांवों का दौरा कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और वन विभाग तथा स्थानीय प्रशासन को नुकसान का शीघ्र आकलन कर प्रभावित परिवारों को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मंत्री अग्रवाल ने उदयपुर विकासखंड के मरडीह, फुंगी और कुरमंतपारा गांवों का भ्रमण कर हाथियों की गतिविधियों से उत्पन्न स्थिति तथा ग्रामीणों को हुए नुकसान की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने प्रभावित परिवारों से सीधे बातचीत की और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए वन विभाग के अधिकारियों, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ चर्चा की।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हाथियों के कारण हुए नुकसान का प्राथमिकता के आधार पर आकलन किया जाए और मुआवजे से संबंधित प्रकरणों में आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी की जाएं। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। इसके लिए वन विभाग और स्थानीय प्रशासन आपसी समन्वय से कार्य करें।
मंत्री अग्रवाल ने कहा कि हाथी प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्रमुख जिम्मेदारी है। हाथियों की मौजूदगी वाले इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जाए तथा संभावित खतरों को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्रभावित गांवों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश भी दिए।
मंत्री ने कहा, "हाथियों से हुए नुकसान की जानकारी मिलने पर मैं स्वयं प्रभावित ग्रामीणों के बीच पहुंचा हूं। उनकी समस्याओं का समाधान और समय पर राहत उपलब्ध कराना हमारी जिम्मेदारी है। अधिकारियों को नुकसान का शीघ्र आकलन कर नियमानुसार मुआवजा दिलाने के निर्देश दिए गए हैं।"उन्होंने ग्रामीणों से हाथियों की गतिविधियों के दौरान सावधानी बरतने और वन विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की। साथ ही हाथियों की मौजूदगी की सूचना तत्काल वन विभाग अथवा स्थानीय प्रशासन को देने को कहा।
मंत्री अग्रवाल ने प्रभावित परिवारों को आश्वस्त किया कि शासन-प्रशासन उनकी सुरक्षा और राहत संबंधी आवश्यकताओं को लेकर गंभीर है तथा नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने के लिए कार्रवाई की जाएगी।
इस अवसर पर वन विभाग के अधिकारी, स्थानीय प्रशासन के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित थे।
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