रायपुर , सितंबर 16 -- छत्तीसगढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश प्रवक्ता विजयशंकर मिश्रा ने वर्ष 2022 में वाणिज्यिक कर विभाग में लिपिक वर्ग से वाणिज्यिक कर निरीक्षक पद के लिए आयोजित सीमित प्रतियोगिता परीक्षा में सामने आई अनियमितताओं को लेकर तत्कालीन कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है।
मिश्रा ने बुधवार को यहां भाजपा प्रदेश कार्यालय एकात्म परिसर में पत्रकार वार्ता में आरोप लगाया कि तत्कालीन सरकार के कार्यकाल में परीक्षा और चयन प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं किया गया, जिससे कर्मचारियों को समान अवसर मिलने की व्यवस्था प्रभावित हुई।
उन्होंने कहा कि 26 जून 2022 को आयोजित सीमित प्रतियोगिता परीक्षा की जांच के लिए गठित समिति ने तीन जुलाई 2026 को अपनी रिपोर्ट सौंपी। जांच में आरक्षण रोस्टर के अनुसार पदों का वर्गवार निर्धारण नहीं किए जाने, परीक्षार्थियों की उपस्थिति का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने, समेकित अंक सूची तैयार नहीं किए जाने और उत्तरपुस्तिकाओं में कोडिंग व्यवस्था नहीं होने जैसी खामियां सामने आईं।
मिश्रा के अनुसार जांच में कई चयनित अभ्यर्थियों की उत्तरपुस्तिकाओं में समान उत्तर मिलने तथा कुछ मामलों में पुनर्मूल्यांकन के बाद अंक बढ़ाए जाने की बात भी सामने आई। उन्होंने आरोप लगाया कि इन अनियमितताओं से पूरी चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित हुई।
उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के बाद राज्य कर विभाग ने 26 जून 2022 की सीमित प्रतियोगिता परीक्षा और उसके आधार पर हुई चयन प्रक्रिया को निरस्त कर दिया है। परीक्षा के आधार पर वाणिज्यिक कर निरीक्षक बनाए गए कर्मचारियों को उनके मूल पद पर वापस भेजने का निर्णय लिया गया है।
मिश्रा ने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रक्रिया में सामने आई अनियमितताएं तत्कालीन सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने कांग्रेस से इस मामले में जवाब देने की मांग की।
उल्लेखनीय है कि राज्य कर विभाग की जांच में परीक्षा केंद्र पर उपस्थिति रिकॉर्ड नहीं मिलने, चयनित अभ्यर्थियों की उत्तरपुस्तिकाओं में समान उत्तर, पुनर्मूल्यांकन तथा परीक्षा संबंधी अभिलेखों में विसंगतियां सामने आने के बाद परीक्षा और उससे संबंधित चयन प्रक्रिया को निरस्त किया गया है।
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