तिरुवनंतपुरम , मई 18 -- केरल में कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे (यूडीएफ) ने एक दशक बाद सत्ता में वापसी करते हुए सोमवार को नया मंत्रिमंडल गठित किया। यह 44 साल में पहली बार है जब यूडीएफ के पूरे मंत्रिमंडल ने एक साथ शपथ ली।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वी. डी. सतीशन को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने राज्य के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। श्री सतीशन के साथ अन्य 20 अन्य विधायकों को भी शपथ दिलायी गयी। श्री सतीशन के अलावा जिन नेताओं को मंत्री पद की शपथ दिलायी गयी उनमें पी.के. कुन्हालिकुट्टी, रमेश चेन्निथला, सनी जोसेफ, के. मुरलीधरन, एम. जोसेफ, शिबू बेबी जॉन, सी.पी. जॉन, अनूप जैकब, ए.पी. अनिल कुमार, बिंदू कृष्णा, पी.सी. विष्णुनाथ, एम. लिजू, टी. सिद्दीकी, रोजी एम. जॉन, ओ.जे. जनीश, के.ए. थुलसी, पी.के. बशीर, एन. शम्सुद्दीन, के.एम. शाजी और वी.ई. अब्दुल गफूर शामिल हैं।

इस तरह 1982 में के. करुणाकरण सरकार के बाद पहली बार 44 वर्षों के बाद यूडीएफ मंत्रिमंडल एक साथ शपथ लेता नजर आया।

यूडीएफ ने इस अवसर को राज्य में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के दस वर्षीय शासन के बाद "नये राजनीतिक युग" की शुरुआत करार दिया।

लोकभवन को मंत्रियों की अंतिम सूची रविवार शाम सौंपी गयी थी। मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने स्वयं सभी 21 मंत्रियों की सूची राज्यपाल को सौंप दी थी।

मंत्रिमंडल गठन के साथ ही सहयोगी दलों के बीच रोटेशनल मंत्री पद व्यवस्था को लेकर चर्चा भी जारी रही। बताया गया कि केरल कांग्रेस नेता अनूप जैकब और मणि सी. कप्पन के बीच एक मंत्री पद साझा करने को लेकर बातचीत हुई थी। अंततः अनूप जैकब ने पहले शपथ ली।

इस बीच, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने भी पहली बार मंत्री पद के लिए रोटेशनल व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। पार्टी नेतृत्व ने संकेत दिया है कि ढाई वर्ष बाद परक्कल अब्दुल्ला को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा। हालांकि उस समय कौन मंत्री पद छोड़ेगा, इसकी घोषणा अभी नहीं की गयी है।

विभागों का आवंटन फिलहाल औपचारिक रूप से घोषित नहीं किया गया है। सूत्रों के अनुसार के. मुरलीधरण को स्वास्थ्य तथा देवस्वम विभाग दिये जा सकते हैं।

नया मंत्रिमंडल महिलाओं के प्रतिनिधित्व के लिहाज से भी ऐतिहासिक माना जा रहा है। यूडीएफ के इतिहास में पहली बार तीन महिलाओं को कैबिनेट स्तर पर जिम्मेदारी दी गयी है। सुश्री कृष्णा और सुश्री थुलसी ने मंत्री पद की शपथ ली, जबकि शानिमोल उस्मान को विधानसभा का उपाध्यक्ष बनाए जाने की तैयारी है।

सुश्री उस्मान की नियुक्ति इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि 1960-64 में ए. नफीसत बीवी के बाद पहली बार कोई महिला केरल विधानसभा की उपाध्यक्ष बनने जा रही है।

मंत्रिमंडल गठन पर प्रतिक्रिया देते हुए वी. डी. सतीशन ने कहा कि राजनीतिक और सामाजिक संतुलन बनाए रखने के कारण कई योग्य नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया जा सका।

उन्होंने कहा, "मंत्रिमंडल से बाहर कई ऐसे सक्षम नेता हैं जो शामिल किए गए कुछ लोगों से अधिक योग्य हैं। सामाजिक परिस्थितियों, क्षेत्रीय संतुलन, महिलाओं के प्रतिनिधित्व और अन्य पहलुओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया गया।"नये मंत्रिमंडल में सबसे अधिक चर्चा युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ओ.जे. जनीश को मंत्री बनाए जाने को लेकर रही। पहली बार विधायक बने जनीश का नाम पहले संभावित मंत्रियों की सूची में प्रमुखता से नहीं था।

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