चंडीगढ़ , मई 16 -- हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि आधुनिकता के दौर में लुप्त हो रही परंपराओं को जाट समाज विकास समिति ने पुनर्जीवित करने का बीड़ा उठाया है। चौपाइयों और नगाड़ों के जरिए युवाओं को संस्कृति, संस्कार और इतिहास से जोड़ा जा रहा है।

श्री ढांडा शुक्रवार को पलवल स्थित जाट धर्मशाला में आयोजित दो दिवसीय चौपाई महाकुंभ में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने की।

उन्होंने कहा कि बृज क्षेत्र की चौपाइयों, जिक्री, रसिया और नगाड़ों से हमारी परंपराएं जीवित रहेंगी। ये परंपराएं हर परिस्थिति में साहस और प्रेरणा देती हैं। इन्हें और मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने जाट धर्मशाला के विकास के लिए 11 लाख रुपये और आधुनिक लाइब्रेरी बनाने की घोषणा की।

शिक्षा मंत्री ने बताया कि 2013-14 में सरकारी स्कूलों का 10वीं का परिणाम 48 प्रतिशत और 12वीं का 53 प्रतिशत था। सरकार के प्रयासों से अब परिणाम 70 प्रतिशत से ऊपर पहुंच गया है। सरकारी और सीबीएसई स्कूलों के नतीजों में अब सिर्फ दो-तीन प्रतिशत का अंतर रह गया है। यह गुरुजनों की मेहनत और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का नतीजा है।

खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि चौपाई महामेला छत्तीस बिरादरी को जोड़कर भाईचारे का संदेश देता है। चौपाइयों से युवा दादा कान्हा रावत, महाराजा सूरजमल और राजा नाहर सिंह जैसे वीरों के संघर्ष से जुड़ते हैं। उन्होंने जाट धर्मशाला के लिए 21 लाख रुपये देने की घोषणा की।

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