मिदनापुर , अक्टूबर 25 -- पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को कहा कि चोरबागान हादसे मामले की जांच एक सेवानिवृत्त जज करेंगे और तीन महीने के भीतर वह अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे।
मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि जांच के नतीजों को पश्चिम बंगाल विधानसभा के सामने रखते हुए सार्वजनिक भी किया जाएगा। पूर्वी मिदनापुर के रामनगर में हादसे में जान गंवाने वाली कल्पना जाना के परिवार से मिलने पहुंचे श्री अधिकारी ने बताया कि मौजूदा जज की नियुक्ति में कुछ दिक्कतें आने के कारण सरकार ने यह जांच एक सेवानिवृत्त जज को सौंपने का फैसला किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा, "हमने एक मौजूदा जज की मांग की थी लेकिन मुख्य न्यायाधीश ने बताया कि इसमें कुछ मुश्किलें हैं। इसलिए यह जांच एक सेवानिवृत्त जज को सौंपी गई है।" कलकत्ता उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था, जिसमें इस त्रासदी की जांच के लिए किसी मौजूदा जज को नियुक्त करने की मांग की गई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समिति निष्पक्ष जांच करेगी और सरकार इसकी सिफारिशों पर कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा, "तीन महीने के भीतर रिपोर्ट आ जाएगी। इसे विधानसभा के सामने रखा जाएगा और जनता के सामने भी लाया जाएगा। राज्य सरकार इन सिफारिशों को लागू करेगी।" यह आश्वासन तब आया है जब पीड़ित परिवारों ने इस त्रासदी की उचित जांच की मांग की थी। इस घटना में पश्चिम बंगाल के 17 लोगों की जान चली गई थी। श्री अधिकारी ने बताया कि उन्होंने राज्य के उन सभी 17 प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उनकी चिंताओं को समझने के लिए उनसे व्यक्तिगत रूप से बात की।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि सरकार पीड़ित परिवारों को मुआवजा देगी और उनके पात्र सदस्यों को रोजगार दिलाने में भी मदद करेगी। परिवारों से कहा गया है कि वे अपना बायोडाटा संबंधित जिला मजिस्ट्रेट के पास जमा कर दें। मुख्यमंत्री ने कल्पना जाना के परिवार से बातचीत के दौरान उनके बच्चों को भरोसा दिलाया कि अगर उन्हें अपनी पढ़ाई जारी रखने में कोई दिक्कत आती है, तो वे उनकी मदद के लिए हमेशा मौजूद रहेंगे।
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