कोलकाता , अक्टूबर 24 -- पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में चोरबागान दुर्गा पूजा हादसे की जांच कर रही पुलिस ने पंडाल में उद्घोषणा (अनाउंसमेंट) करने के आरोपी दो गिरफ्तार व्यक्तियों की आवाज के नमूने एकत्र करने की अनुमति के लिए शनिवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया।
इस दुखद हादसे में 19 लोगों की जान चली गयी थी।
पुलिस ने अदालत को सूचित किया है कि इस कदम का उद्देश्य यह निर्धारित करना है कि संजीव राहा उर्फ सेंटू और कुशल मजूमदार उर्फ कालिया की आवाजें महासप्तमी की शाम हादसे से ठीक पहले लाउड स्पीकर पर की गयी घोषणाओं से मेल खाती हैं या नहीं।
अदालत ने मजूमदार को 06 नवंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। वहीं, समिति के कोषाध्यक्ष के रूप में भी काम करने वाले राहा को पहले ही 28 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड में भेजा जा चुका है। पुलिस का कहना है कि दोनों के बयानों में विसंगतियों का पता लगाने के लिए आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करने की योजना है।
सूत्रों के अनुसार, घटना के ठीक समय के सीसीटीवी और अन्य वीडियो फुटेज की जांच की जा रही है। जांचकर्ताओं ने कई ऐसे क्लिप्स की पहचान की है जिनमें लाउडस्पीकर पर दिए जा रहे निर्देश स्पष्ट रूप से सुनाई दे रहे हैं। क्लिप्स के इस ऑडियो को विश्लेषण के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। न्यायालय से अनुमति मिलने के बाद गिरफ्तार दोनों आरोपियों के वॉयस सैंपल एकत्र किए जाएंगे और फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे जायेंगे ताकि फुटेज के ऑडियो से उनका मिलान किया जा सके।
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