कोलकाता , अक्टूबर 23 -- पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के चोरबगान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई दुखद भगदड़ के मामले में एक फोरेंसिक रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, पंडाल के अंदर लगे एयर-कंडीशनिंग सिस्टम में गंभीर खामियां थीं और आयोजकों की ओर से भारी लापरवाही बरती गई थी। पुलिस सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
लालबाजार (कोलकाता पुलिस मुख्यालय) के सूत्रों ने संकेत दिया कि फोरेंसिक विशेषज्ञों ने पूजा पंडाल के आंतरिक हिस्से की गहन जांच की। उन्होंने पाया कि पंडाल के विशाल आकार और सप्तमी के दिन उमड़ी भारी भीड़ को देखते हुए वहां मौजूद 134 टन की कूलिंग क्षमता पूरी तरह से अपर्याप्त थी।
विशेषज्ञों की रिपोर्ट में नोट किया गया है कि पंडाल में उसकी क्षमता से कहीं अधिक भीड़ भरी हुई थी, जहां हजारों श्रद्धालु ठसाठस मौजूद थे। वहां लगा 134-टन का एसी सिस्टम लोगों के शरीर से निकलने वाली अत्यधिक गर्मी और उमस को नियंत्रित करने में असमर्थ साबित हुआ। अत्यधिक भीड़ के दबाव के कारण एसी इकाइयों ने ठीक से काम करना बंद कर दिया और उनकी कूलिंग क्षमता पूरी तरह से ध्वस्त हो गई।
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