चेन्नई , मार्च 21 -- चेन्नई प्रेस क्लब (सीपीसी) ने शनिवार को नयी दिल्ली में भूमि विवाद के कारण 'यूनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया' (यूएनआई) के परिसर को सील करने के दौरान अधिकारियों की मनमानी और अत्यंत विचलित करने वाली कार्रवाइयों की कड़े शब्दों में निंदा की है।
क्लब ने इस घटना की गहन जांच की मांग करते हुए यूएनआई के पत्रकारों के साथ अपनी पूर्ण एकजुटता व्यक्त की है।
सीपीसी के अध्यक्ष एम. सुरेश वेदनायगम और महासचिव हसीफ ने एक बयान में कहा, "यद्यपि हम अदालती आदेशों को लागू करने की आवश्यकता का सम्मान करते हैं, लेकिन जिस तरह से इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया, वह उचित प्रक्रिया और कार्यरत पत्रकारों के अधिकारों के सम्मान पर गंभीर सवाल खड़े करता है।"उन्होंने कहा कि प्राप्त जानकारी के अनुसार, अदालत के फैसले के कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस और अर्धसैनिक बलों की एक बड़ी टुकड़ी जबरन परिसर में दाखिल हो गई, पर्याप्त सूचना दिए बिना पत्रकारों को बाहर निकाल दिया और उन्हें अपना व्यक्तिगत सामान सुरक्षित रखने का अवसर भी नहीं दिया।
बयान में आगे कहा गया कि विशेष रूप से पत्रकारों के साथ शारीरिक हाथापाई की खबरें चिंताजनक हैं, जिनमें वे महिला पत्रकार भी शामिल हैं जो अपने पेशेवर कर्तव्यों का पालन कर रही थीं। ऐसी कार्रवाइयां अस्वीकार्य हैं और मीडिया पेशेवरों की गरिमा, सुरक्षा और संवैधानिक अधिकारों पर एक गंभीर हमला हैं। स्वतंत्र रूप से कार्य करने और रिपोर्ट करने का अधिकार एक लोकतांत्रिक समाज के कामकाज के लिए अनिवार्य है।
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