बलरामपुर , नवंबर 01 -- छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में चेकडैम निर्माण कार्यों में तकनीकी एवं वित्तीय अनियमितताओं के मामले में जिला प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए जनपद पंचायत राजपुर में पदस्थ संविदा तकनीकी सहायक रोहित कुमार की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं।
मुख्य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) की जांच में 12 चेकडैम के निर्माण में गुणवत्ता संबंधी गंभीर खामियां और 5,13,364 रुपये का अधिक मूल्यांकन सामने आने के बाद यह निर्णय लिया गया है।
रविवार को प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में करोड़ों रुपये की लागत से कराए जा रहे चेकडैम निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निर्धारित तकनीकी मानकों के पालन को लेकर मार्च 2026 में सवाल उठे थे। निर्माण कार्यों में अनियमितताओं से संबंधित खबरें सामने आने के बाद राज्य कार्यालय के मुख्य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) ने मामले की जांच की। जांच रिपोर्ट में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों के अनुपालन और माप पुस्तिका में दर्ज कार्यों की वास्तविक स्थिति को लेकर कई गंभीर कमियां उजागर हुईं।
जांच के दौरान कुल 12 चेकडैम निर्माण कार्यों का परीक्षण किया गया। इनमें चेकडैम की अपस्ट्रीम विंग वॉल के दाएं एवं बाएं हिस्सों तथा डाउनस्ट्रीम विंग वॉल में उपयोग किए गए कंक्रीट की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। कई निर्माण कार्यों और उनकी उप-संरचनाओं की गुणवत्ता निम्न स्तर की मिली। जांच रिपोर्ट में कंक्रीट की सतह पर प्लास्टर किए जाने का भी उल्लेख किया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, महात्मा गांधी नरेगा एवं वीबी-जी राम जी के अंतर्गत कराए जा रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, स्थल पर तकनीकी परीक्षण कराने तथा माप पुस्तिका (एमबी) में वास्तविक निर्माण की मात्रा दर्ज करने का दायित्व संबंधित तकनीकी सहायकों का है। जांच में माप पुस्तिका में दर्ज निर्माण की मात्रा और मौके पर पाए गए वास्तविक कार्य के बीच अंतर सामने आया। तकनीकी सहायक रोहित कुमार द्वारा मानक प्राक्कलन के आधार पर कुल 5,13,364 रुपये का अधिक मूल्यांकन दर्ज किए जाने की बात भी जांच रिपोर्ट में सामने आई।
इन अनियमितताओं को लेकर रोहित कुमार को इस वर्ष पांच अक्टूबर को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। उन्होंने आठ अक्टूबर को अपना जवाब प्रस्तुत किया लेकिन जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर प्रशासन ने उनके स्पष्टीकरण को असंतोषजनक पाया।
इसके बाद कलेक्टर संजय चंदन त्रिपाठी के निर्देश पर जिला पंचायत बलरामपुर-रामानुजगंज के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने संविदा नियुक्ति की शर्तों और जांच रिपोर्ट के आधार पर 30 अक्टूबर 2026 को आदेश जारी कर रोहित कुमार की संविदा सेवा समाप्त कर दी। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
इस प्रकरण में दो अन्य इंजीनियरों के विरुद्ध भी कार्रवाई किए जाने और नोटिस जारी होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, उनके नाम और कार्रवाई का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं हो सका है।
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