जौनपुर , अगस्त 10 -- कीर्ति चक्र से सम्मानित लेफ्टिनेंट कर्नल पुष्पेंद्र सिंह ने युवा को चुनौतियों से घबरायें बिना साहस और अनुशासन के साथ उनका सामना करने की सलाह दी है।

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में एक प्रेरणादायी मोटिवेशनल टॉक को संबोधित करते हुये उन्होने कहा कि जीवन में चुनौतियां प्रत्येक व्यक्ति के सामने आती हैं, लेकिन सफलता उन्हीं को मिलती है जो कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य, अनुशासन और आत्मविश्वास बनाए रखते हैं।

उन्होंने अपने सैन्य जीवन के अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे कठिनाइयों से घबराएं नहीं और अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ते रहें। उन्होंने कहा, "वीर तुम बढ़े चलो, कठिनाइयों से मत डरो। लक्ष्य कितना भी कठिन क्यों न हो, दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास से उसे प्राप्त किया जा सकता है।" उन्होंने विद्यार्थियों को नेतृत्व की भावना विकसित करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि नेतृत्व केवल आदेश देने का नाम नहीं है, बल्कि कठिन समय में स्वयं आगे बढ़कर उदाहरण प्रस्तुत करने का नाम है। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहते हुए राष्ट्र और समाज के प्रति अपने दायित्वों का भी निर्वहन करना चाहिए।

कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि लेफ्टिनेंट कर्नल पुष्पेंद्र सिंह, कीर्ति चक्र का जीवन युवा पीढ़ी के लिए साहस, कर्तव्यनिष्ठा, राष्ट्रभक्ति और अनुशासन की प्रेरणादायी पाठशाला है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ जीवन की चुनौतियों का सामना करने का साहस, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता भी विकसित करनी चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्य वक्ता के सैन्य अनुभव और जीवन-संघर्ष विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में मार्गदर्शक सिद्ध होंगे।

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